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कंटेंट क्रिएटर्स के लिए रेवेन्यू शेयरिंग: वैष्णव बोले – “परामर्श से बदलाव, प्लेटफॉर्म्स को फेयर मॉडल अपनाना होगा”

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केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कंटेंट क्रिएटर्स, न्यूज़ पर्सन्स, इन्फ्लुएंसर्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फेयर रेवेन्यू शेयरिंग की मांग की। कहा कि परिवर्तन परामर्श से होगा, नहीं तो कानूनी रास्ता।

“जनरेशन भारत क्रिएटर्स को फेयर शेयर मिलना ज़रूरी”: वैष्णव का DNPA कॉन्क्लेव में प्लेटफॉर्म्स को अलर्ट

कंटेंट क्रिएटर्स को फेयर शेयर: वैष्णव का प्लेटफॉर्म्स को संदेश, “परामर्श से बदलाव”

न्यूज़18 राइजिंग भारत समिट में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया हाउसेज़ को उनकी मेहनत का उचित हिस्सा मिलना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर विचार करना होगा।

मंगलवार को DNPA कॉन्क्लेव में वैष्णव ने कहा कि प्लेटफॉर्म्स पहले सारा रेवेन्यू ले लेते हैं। न्यूज़ पर्सन्स, कन्वेंशनल मीडिया, दूरदराज़ के क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स, प्रोफेसर्स को फेयर शेयर मिलना चाहिए।

“हर देश सोच रहा है कि रेवेन्यू का फेयर तरीके से बंटवारा हो। जनरेशन भारत क्रिएटर्स को उनका हिस्सा मिलना ज़रूरी है,” वैष्णव ने कहा।

परामर्शी तरीके से बदलाव

समिट में पूछा गया तो वैष्णव ने कहा कि बदलाव “बहुत परामर्शी तरीके से” होना चाहिए। “कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया ने नेटवर्क बनाया – पत्रकार, एडिटोरियल चेक। उनकी मेहनत को फेयर रिवॉर्ड मिलना चाहिए।”

IP का सम्मान ज़रूरी

वैष्णव ने कहा कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ने हमेशा प्रोग्रेस को बढ़ावा दिया। अगर ओरिजिनल कंटेंट को फेयर पेमेंट न मिला तो साइंस, टेक, आर्ट्स रुक जाएंगे।

“प्लेटफॉर्म्स अपनी पॉलिसीज़ पर विचार करें। स्वेच्छा से न किया तो कई देशों ने कानूनी रास्ता दिखाया है,” उन्होंने चेताया।

5 FAQs

  1. वैष्णव ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए क्या कहा?
    प्लेटफॉर्म्स को फेयर रेवेन्यू शेयरिंग करनी चाहिए, जनरेशन भारत क्रिएटर्स को उनका हिस्सा मिले।
  2. बदलाव कैसे होगा?
    बहुत परामर्शी तरीके से।
  3. IP का महत्व क्यों?
    ओरिजिनल कंटेंट को फेयर पेमेंट न मिला तो साइंस-टेक का विकास रुक जाएगा।
  4. चेतावनी क्या?
    स्वेच्छा से न किया तो कानूनी रास्ता।
  5. कहाँ बोला?
    DNPA कॉन्क्लेव और न्यूज़18 समिट।

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