Home क्राईम पलामू रेंज के डीआईजी ने बदली रणनीति,नक्सल के बाद अब नार्कोटिक्स पर होगा फोकस।
क्राईमझारखण्डराज्य

पलामू रेंज के डीआईजी ने बदली रणनीति,नक्सल के बाद अब नार्कोटिक्स पर होगा फोकस।

Share
DIG of Palamu Range changed strategy, after Naxal now focus will be on narcotics.
Share

पलामू (झारखंड) । नक्सल मुक्त घोषित किए जा चुके पलामू में अब पुलिस अपनी रणनीति बदलने में जुट गई है। पहले जहां फोकस नक्सल गतिविधियों पर था, अब हालात बदलने के बाद पुलिस नए खतरे पर नजर रख रही है। अप्रैल 2024 में केंद्र सरकार ने पलामू को नक्सल मुक्त घोषित किया था, जिसके बाद यहां से सीआरपीएफ की 134 बटालियन भी हटा ली गई।

पिकेट और कैंप की हो रही समीक्षा

नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब पुलिस पिकेट और कैंप की उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है। कई जगहों पर पिकेट बंद किए जा सकते हैं, जबकि कुछ को शैडो मोड में रखा जाएगा। पहले भी पलामू में चार पिकेट बंद किए जा चुके हैं और गढ़वा-लातेहार में कई पिकेट शैडो मोड में हैं।

कभी नक्सल विरोधी अभियान की रीढ़ थे कैंप

पलामू रेंज में 2007-08 से नक्सल विरोधी अभियान को मजबूत करने के लिए कैंप और पिकेट बनाए गए थे। बूढ़ापहाड़ से लेकर बिहार और छत्तीसगढ़ सीमा तक 70 से ज्यादा कैंप स्थापित किए गए थे। इनकी वजह से नक्सलियों के बड़े कॉरिडोर को तोड़ने में सफलता मिली और उनकी सप्लाई लाइन भी खत्म हो गई।

‘ऑक्टोपस अभियान’ से मिली बड़ी सफलता

साल 2022 में बूढ़ापहाड़ इलाके में चलाए गए ‘ऑक्टोपस अभियान’ के दौरान कई नए कैंप बनाए गए थे। इससे नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई और इलाके में सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत हुई।

अब नार्कोटिक्स तस्करी पर नजर

नक्सल गतिविधियां कम होने के बाद अब पलामू, गढ़वा और लातेहार में अफीम और शराब तस्करी का नेटवर्क तेजी से उभर रहा है। पुलिस अब इसी नए खतरे पर फोकस कर रही है। नार्कोटिक्स रूट को चिन्हित कर वहां निगरानी बढ़ाने की तैयारी है।

तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी

पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में नशा तस्करी के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। जरूरत के हिसाब से नए पिकेट और कैंप भी बनाए जा सकते हैं, ताकि इस नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

बदलते हालात में नई चुनौती
पलामू में नक्सल समस्या भले ही कम हो गई हो, लेकिन अब नए अपराध सिर उठा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की चुनौती भी बदल गई है और उसी के अनुसार रणनीति भी तैयार की जा रही है।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

तीन सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीणों ने रेल प्रबंधन के खिलाफ दिया एकदिवसीय धरना।

धनबाद (झारखंड) : पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत तीन सूत्री मांगों को...

बांसजोड़ा हिंसक झड़प मामले में 9 आरोपी गिरफ्तार, तीन प्राथमिकी दर्ज।

धनबाद (झारखंड) : देश की कोयला राजधानी धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र...

झारखंड पुलिस में 201 डीएसपी का तबादला।

अजित कुमार विमल बनें बाघमारा एसडीपीओ। आलोक कुमार सिंह को सीसीआर राँची...