Home दिल्ली भारत में एथेनॉल आयात का सच : भ्रामक दावों और घरेलू नीतियों का विश्लेषणात्मक विवरण
दिल्लीदुनियादेशराज्यराष्ट्रीय न्यूज

भारत में एथेनॉल आयात का सच : भ्रामक दावों और घरेलू नीतियों का विश्लेषणात्मक विवरण

Share
india-me-ethanol-aayat-ka-sach
Share

नई दिल्ली : भारत के एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (EBP) को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के बीच केंद्र सरकार ने आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। अमेरिका से बड़े पैमाने पर ईंधन एथेनॉल आयात करने की खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार हैं।

फैथ चेक: भ्रम बनाम वास्तविकता

  • दावा: भारत अपनी ईंधन सम्मिश्रण जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका से एथेनॉल आयात करने की योजना बना रहा है।वास्तविकता: पेट्रोल में मिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला 100% एथेनॉल भारतीय उत्पादकों द्वारा ही तैयार किया जाता है। ईंधन के लिए बाहर से एथेनॉल आयात नहीं होता।
  • दावा: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत आयात नीति में ढील दी जा रही है।वास्तविकता: किसी भी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में एथेनॉल आयात पर न तो कोई छूट दी गई है और न ही ऐसी कोई प्रतिबद्धता जताई गई है।

स्वदेशी एथेनॉल नीति के मुख्य स्तंभ

  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत की एथेनॉल नीति का मूल उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर विदेशी मुद्रा के खर्च को कम करना और देश में निर्मित जैव ईंधन को बढ़ावा देना है।
  • कृषि अर्थव्यवस्था को बल: एथेनॉल निर्माण के लिए स्थानीय गन्ने, मक्का और खाद्यान्न का इस्तेमाल होता है, जिससे देश के किसानों और चीनी/प्रसंस्करण मिलों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलता है।
  • संपूर्ण घरेलू नियंत्रण: सम्मिश्रण की दरें, खरीद प्रक्रिया और नियम पूरी तरह से भारत की अपनी घरेलू प्राथमिकताओं के अनुसार तय होते हैं।
Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...