17,18 और 19 अप्रैल को रिम्स में देशभर से लगभग 300 से अधिक शिशु रोग विशेषज्ञ लेंगे भाग।
रांची । झारखंड नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम द्वारा 17 अप्रैल शुक्रवार से 19 अप्रैल तक (तीन दिवसीय) तीसरा झारखंड नियोकोन का आयोजन रिम्स ऑडिटोरियल रांची में किया गया है। झारखंड नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम रांची द्वारा आयोजित इस नियोकोन में देश व राज्यभर से लगभग 250 से 300 के करीब शिशु रोग विशेषज्ञ भाग लेंगे। जिससे चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान एवं अनुभव का आदान -प्रदान होगा। गुरुवार को आइएमए भवन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ पार्थ कुमार चौधरी ,डॉ आनंद जगनानी,डॉ ओपी मनसरिया,डॉ कृष्ण कुमार ,डॉ किरण शंकर दास ,डॉ शैलेश चंद्रा, डॉ.परमानंद काशी डॉ. राजेश कुमार (बालपन), डॉ. अनिताभ कुमार ,डॉ शक्तिपद दास और डॉ रवि शेखर ने संयुक्त रुप से बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में शामिल होने के लिए प्रमुख प्रवक्ता में एम्स पटना से डॉ भावेश कांत,एम्स ऋषिकेश से डॉ मयंक प्रियदर्शी ,नई दिल्ली से डॉ हेमंत शर्मा,डॉ पुनम अग्रवाल ,कोलकता से डॉ गौतम राय,नई दिल्ली से डॉ ललन भारती,केरला से डॉ. भीसी मनोज,एम्स देवघर से डॉ सोमवाशेखर निमबाल्कर,कोलकता एसएसकेएम से डॉ बिजन साहा,नई दिल्ली सफदरजंगर हॉस्पिटल से डॉ प्रदीप कुमार देबता, एलएचएमसी नई दिल्ली से डॉ प्रतिमा आनंद और डॉ अमीत उपाध्याय रांची आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम रांची की ओर से शिशु चिकित्सा से जुड़े देश के सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरों का अनुभव और क्षेत्र में होने वाले विकास की नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रांची में तीसरा झारखंड नियोकोन का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में बिहार -झारखंड के अलावे देशभर से डॉक्टर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। 17 अप्रैल को पहले सत्र में अत्यंत समयपूर्व जन्मे शिशुओं की देखभाल ,दूसरे सत्र में नर्सों के लिए विशेष प्रशिक्षण और तीसरे सत्र में रानी अस्पताल में नवजात शिशिुओं में श्वसन सहायता आदि बीमारियों को लेकर चर्चा होगी। वहीं 18 और 19 अप्रैल को इस सम्मेलन में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से स्पीकर एवं ट्रेनर भाग लेंगे और आधुनिकतम चिकित्सा पद्धतियों से संबंधित अनुभवों को साझा करेंगे। जिसका लाभ बच्चों के बेहतर ईलाज में मिलेगा। इस तरह के आयोजन से चिकित्सकों को बहुत कुछ समझने और सीखने को मिलता है।
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