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उपायुक्त की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी विद्यालयों के साथ बैठक.

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Meeting with all the private schools of the district under the chairmanship of the Deputy Commissioner.
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निजी स्कूलों को देंगे वार्षिक शुल्क का विस्तृत विवरण।

अभिभावक क्वार्टरली दे सकेंगे एनुअल फीस।

नवंबर में किताबों,स्कूल ड्रेस व जनवरी में फीस का विस्तृत विवरण वेबसाइट पर करेंगे अपलोड।

5 साल से पहले नहीं बदल सकेंगे स्कूल ड्रेस।

निजी स्कूल देंगे विगत एक वर्ष का ऑडिट रिपोर्ट।

पांच सदस्य कमेटी करेगी स्कूलों की औचक जांच।

धनबाद । वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट फीस, री-एडमिशन फीस, स्कूल में या निर्धारित दुकान से ही किताब, ड्रेस इत्यादि खरीदने सहित अन्य मुद्दों को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी विद्यालयों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें उनको झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधित) अधिनियम, 2017 के नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में वार्षिक शुल्क को लेकर उपायुक्त ने कहा कि सभी विद्यालय इसका विस्तृत विवरण प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे तथा स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड कर, स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लगाएंगे। अभिभावकों को डेवलपमेंट फीस लेने का उद्देश्य बताएंगे। कोई भी निजी विद्यालय री-एडमिशन के नाम पर छात्रों से फीस नहीं ले सकेंगे। वहीं यदि वार्षिक शुल्क लेते हैं तो विद्यालय में गठित शुल्क समिति से विचार कर उसका दर निर्धारण करेंगे। निजी विद्यालय अभिभावक को एक बार में वार्षिक शुल्क जमा करने का दबाव नहीं बनाएंगे। अभिभावक क्वार्टरली वार्षिक फीस जमा कर सकेंगे।

उपायुक्त ने सभी निजी विद्यालयों को अगले सत्र से लिए नवंबर तक किताबों (मुद्रक व किताब का नाम सहित) एवं स्कूल ड्रेस तथा जनवरी में डेवलपमेंट फीस का विस्तृत विवरण स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करने एवं स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लगाने का निर्देश दिया। साथ में 5 साल से पहले स्कूल ड्रेस नहीं बदलने तथा वेबसाइट पर पब्लिश किताब का नाम नहीं बदलने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्कूल के प्रांगण में स्कूल ड्रेस एवं किताबें नहीं बेचने की सख्त हिदायत दी। उपायुक्त ने कहा कि अगले सत्र का बुक लिस्ट और स्कूल ड्रेस का विवरण वेबसाइट में होगा तो अन्य दुकानदार भी संबंधित किताबें और स्कूल ड्रेस अपनी दुकान में रख सकेंगे। इससे अभिभावकों के पास कम दर पर किताबें व स्कूल ड्रेस खरीदने का विकल्प रहेगा।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निजी विद्यालयों को इस बैठक से पहले आयोजित जिला स्तरीय शुल्क समिति की बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत कराया।

जिसमें शुल्क का निर्धारण दिए गए प्रावधान के अनुसार करने, विद्यालय में शुल्क समिति का गठन कर विद्यालय के वेबसाइट पर अपलोड करने, विगत एक वर्ष का ऑडिट रिपोर्ट, विद्यालय का बैंक अकाउंट स्टेटमेंट जमा करने, विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन करने, स्कूल के सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं का नाम, पे-स्केल सहित डाटा विद्यालय के वेबसाइट पर पब्लिश करने सहित अन्य निर्णय से अवगत कराया।

उपायुक्त ने कहा कि निजी विद्यालयों को “नोट फॉर प्रॉफिट” (लाभ-रहित) के सिद्धांतों पर चलना चाहिए। इसलिए सभी निजी विद्यालय एक सप्ताह के अंदर उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कर लें। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित पांच सदस्य टीम स्कूलों की औचक जांच करेगी। अनियमितता या निर्देश का उल्लंघन होने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

बैठक में बीपीएल कोटा में कम नामांकन पर उपायुक्त ने चिंता प्रकट करते हुए बीपीएल कोटा में 25% सीट रिजर्व रखने का निर्देश दिया। साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूल बस, स्कूल वैन के चालक का नाम, मोबाइल नंबर तथा उसका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराने, जो बच्चे निजी वाहन से स्कूल आते हैं उसके चालक का भी पूरा विवरण एवं पुलिस वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सभी स्कूल बस एवं स्कूल वैन में सीसीटीवी कैमरे एवं जीपीएस लगाने, स्कूल शुरू होने और स्कूल में छुट्टी होने के समय स्कूल के पास चार अतिरिक्त कर्मियों को यातायात व्यवस्था संभालने के लिए प्रतिनियुक्त करने का भी निर्देश दिया।

इसके अलावा बच्चों की मानसिक स्थिति पर निगरानी रखने, आवश्यकता पड़ने पर उनकी काउंसलिंग कराने, यदि बच्चे कोचिंग संस्थान में जाते हैं तो उनसे फीडबैक लेने, छात्राओं के लिए विशेष व्यवस्था रखने, इको क्लब का गठन करने सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तृत दिशा निर्देश दिए।

इससे पूर्व आयोजित जिला स्तरीय शुल्क समिति की बैठक में धनबाद विधायक राज सिन्हा ने वार्षिक शुल्क को क्वार्टरली करने का अनुरोध किया। जबकि निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने सभी जनप्रतिनिधियों को बीपीएल कोटा में हुए नामांकन की जानकारी उपलब्ध कराने तथा सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने वार्षिक शुल्क का विस्तृत विवरण देने का अनुरोध किया।

बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, डीएफओ विकास पालीवाल, डीटीओ दिवाकर सी द्विवेदी, डीईओ अभिषेक झा, डीएसई आयुष कुमार, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी कुमारी स्वाती, गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी, टुंडी विधायक प्रतिनिधि जगदीश कुमार चौधरी, झरिया विधायक प्रतिनिधि अखिलेश सिंह, चार्टड एकाउंटेट अजय कुमार सिंह, दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्या डॉ सरिता सिन्हा, राजकमल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्र संतोष कुमार सिंह, मनोज कुमार शर्मा, मुकेश पांडेय, रतिलाल महतो, पप्पू सिंह, मनोज मिश्रा, विवेक सिन्हा, प्रेम मंडल, संतोष सिंह के अलावा जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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