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जन जागरूकता से मलेरिया की रोकथाम संभव – सिविल सर्जन

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Prevention of malaria is possible through public awareness - Civil Surgeon
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धनबाद । जन जागरूकता व जन सहयोग से मलेरिया की रोकथाम संभव है। मलेरिया की रोकथाम एवं उसके बचाव के लिए अपने आसपास पानी को जमा न होने दें। जमे हुए पानी में कीटनाशक, जला हुआ मोबिल, केरोसिन तेल डालें। जिससे मच्छर प्रजनन न कर सके। पानी की टंकी को ढक कर रखें। फ्रिज, कूलर, फूलदानी व अन्य बर्तनों का पानी सप्ताह में एक दिन अवश्य सुखा लें। घरों के अंदर कीटनाशक का छिड़काव करें एवं मच्छरदानी का प्रयोग करें।

उपरोक्त बातें सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने विश्व मलेरिया दिवस को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कहीं।

उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन मलेरिया को नियंत्रित करने, उसके उन्मूलन के वैश्विक प्रयास के बारे में और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इसका आयोजन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मलेरिया को समाप्त करने के लिए “मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध : अब हम कर सकते हैं। अब हमें करना ही होगा” थीम पर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। छोटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में इस रोग के प्रति प्रतिकार क्षमता अत्यंत कम होती है। इसके कारण माता मृत्यु, मृत शिशुओं का जन्म, नवजात शिशुओं का वजन अत्यधिक कम होना एक प्रमुख समस्या है। इसे रोकने के लिए गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व मलेरिया की जांच अनिवार्य की गई है।

उन्होंने बताया कि ठंड के साथ बुखार आना, उल्टी होना या उल्टी जैसा लगना, शरीर में ऐठन एवं दर्द, सिर दर्द, चक्कर आना तथा थोड़ी देर में पसीने के साथ बुखार आना मलेरिया के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा होने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेना हितकारक है।

उन्होंने कहा कि मलेरिया की जांच एवं उपचार की सुविधा प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र एवं स्वास्थ्य कर्मियों (सहिया, एम.पी.डब्लू., ए.एन.एम.) के पास निःशुल्क उपलब्ध है। गम्भीर मलेरिया के रोगियों की जांच एवं पूर्ण उपचार की सुविधा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सदर अस्पताल एवं एसएनएमएमसीएच में उपलब्ध है।

सिविल सर्जन ने बताया कि इस वर्ष की 73901 रक्त पट्ट संग्रह किए गए हैं एवं सभी की जांच की गई है। जबकि मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में 250168 पीस कीटनाशी दवा से उपचारित मच्छरदानी का वितरण किया है। जिसके फलस्वरुप लोगों में मच्छरदानी के अंदर सोने की आदत विकसित हुई है और मलेरिया रोगियों की संख्या में अप्रत्याशित कमी हुई है।

उन्होंने आम जनों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बुखार आने पर वह तुरंत मलेरिया की जांच एवं उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आएं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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