धनबाद (झारखंड) । देश की कोयला राजधानी धनबाद में बुधवार को लोयाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसजोड़ा बस्ती में हिंसक झड़प हुई। अवैध कोयला खनन का विरोध करने पर आजसू नेताओं के साथ मारपीट एवं गाड़ियों के तोड़फोड़ की घटना हुई। जिसमें आजसू नेता हीरालाल महतो, प्रदीप महतो, रजनी रवानी सहित अन्य घायल हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के धनबाद जिला महासचिव राजकुमार महतो एवं असलम मंसूरी पर आरोप हैं कि उनके समर्थकों के द्वारा अवैध कोयला कारोबार में वर्चस्व को लेकर इस हिंसक घटना को अंजाम दिया गया हैं। कई दिनों पूर्व से ही सोशल मीडिया पर आजसू नेत्री रजनी रवानी द्वारा बार – बार अवैध कोयला खनन का विरोध जताया जा रहा था। जिस कारण आजसू नेत्री को धमकी भी दिया गया। लेकिन, मामला अब राज्य स्तरीय हो चुका हैं और इसको लेकर वृहद आंदोलन होने की भी संभावना हैं।
झारखंड के पूर्व उप मुख्यमंत्री सह आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी एवं मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने बांसजोड़ा हिंसक झड़प घटना की कड़ी निंदा की हैं। सुदेश महतो ने अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट कर विरोध जताया। उन्होंने लिखा कि धनबाद में माफिया राज और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले आजसू पार्टी के कर्मठ नेताओं-कार्यकर्ताओं पर हुआ कायराना हमला बेहद निंदनीय और लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। निकम्मी सरकार की विफलता के कारण अपराधियों और माफिया तत्वों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ़ होकर लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। जनता की आवाज़ को हिंसा और डर के बल पर दबाने की हर कोशिश का आजसू पार्टी मजबूती से जवाब देगी। दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी हो और पुलिस-माफिया गठजोड़ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बांसजोड़ा हिंसक झड़प घटना की कड़ी निंदा की हैं।
सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट साझा किया गया। जिसमें लिखा गया कि धनबाद में खनिज संपदाओं की खुली लूट, माफियागिरी एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनहित की आवाज़ बुलंद करने वाले आजसू पार्टी के केंद्रीय सदस्य सह युवा आजसू के प्रदेश संयोजक हीरालाल महतो, संघर्षशील महिला नेत्री रजनी रवानी एवं क्रांतिकारी साथी प्रदीप महतो पर हुआ जानलेवा हमला न केवल अत्यंत कायरतापूर्ण और निंदनीय है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनआवाज़ पर सीधा हमला है।
झारखंड में अपराध, माफियागिरी और सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ चुका है कि अब जनहित में आवाज़ उठाने वाले सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। प्रशासन की निष्क्रियता एवं हेमंत सरकार की विफल नीतियों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सत्ता व प्रशासन के संरक्षण में लोकतांत्रिक आवाज़ों को भय, हिंसा और दमन के माध्यम से दबाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।
सांसद ने इस कायराना हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की हैं तथा राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग किया हैं कि इस घटना में संलिप्त सभी दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए पुलिस-माफिया गठजोड़ की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
लोकतंत्र में भय, हिंसा, दमन और माफियातंत्र की राजनीति को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनहित, न्याय और अधिकार की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।
वहीं, मांडू विधायक निर्मल महतो ने भी वीडियो जारी करते हुए घटना का पुरजोर विरोध किया एवं पोस्ट साझा कर घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा कि आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता हीरालाल महतो, रजनी रवानी एवं प्रदीप महतो सहित अन्य पर हुए कायराना जानलेवा हमले की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। मैं प्रशासन से मांग करता हूँ कि हमलावर असामाजिक तत्वों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। घायल साथियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील है।
Leave a comment