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बाघमारा में औचक निरीक्षण के दौरान दो प्रतिष्ठानों से दो बाल श्रमिक विमुक्त

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Two child laborers rescued from two establishments during a surprise inspection in Baghmara.
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धनबाद (झारखंड) : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार गठित जिला संयुक्त धावा दल द्वारा श्रम अधीक्षक (कृ० श्र०) धनबाद पंकज कुमार के नेतृत्व में शनिवार को बाघमारा प्रखंड क्षेत्र के तेलुलमारी में बाल श्रम उन्मूलन हेतु विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पांडेडीह क्षेत्र स्थित वर्मा स्वीट्स एवं कमलेश स्टोर में कार्यरत एक-एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया।

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि उक्त दोनों बालकों से संबंधित प्रतिष्ठानों में कार्य कराया जा रहा था। धावा दल द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों बालकों को नियोजन से मुक्त कराया गया। बालकों का सत्यापन कर उन्हें आवश्यक संरक्षण, परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया हेतु संबंधित बाल संरक्षण तंत्र को सुपुर्द किया गया। मामले में नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

श्रम अधीक्षक पंकज कुमार ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप एवं दंडनीय अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक बचपन का अधिकार प्राप्त है। धनबाद जिला को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण, जागरूकता एवं प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई की जा रही है। जून माह के दौरान विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबा, गैराज एवं व्यावसायिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक नियोजित पाए जाते हैं तो संबंधित नियोजक के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। बाल श्रम से संबंधित मामलों में दोषी पाए जाने पर जुर्माना एवं कारावास सहित कठोर दंड का प्रावधान है। श्रम विभाग द्वारा ऐसे मामलों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आगे भी अभियान जारी रहेगा।

बाघमारा के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी वरुण रंजन कंठ ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन हेतु इस प्रकार का निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता भी आवश्यक है। किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक नियोजित पाए जाने पर संबंधित नियोजक के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

धावा दल में बाघमारा के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी वरुण रंजन कंठ, चाइल्डलाइन इकाई की प्रतिनिधि श्रीमती सीता कुमारी, बाल कल्याण समिति (CWC) के प्रतिनिधि अमन कुमार, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPO) के प्रतिनिधि तथा श्रम विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

श्रम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना प्राप्त होती है तो इसकी जानकारी तत्काल श्रम विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा बाल श्रमिक नियोजित पाए जाने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“बाल श्रम अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन का अधिकार है। आइए, हम सभी मिलकर धनबाद को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने का संकल्प लें।”

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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