ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सिनेमा निर्माण के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मुंबई के एक फिल्म डायरेक्टर ने भोजपुरी फिल्म ‘रामबाबू-श्यामबाबू’ में निवेश और मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर शहर के एक कारोबारी से 12.90 लाख रुपये ठग लिए। पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और सोशल मीडिया पर बदनामी की। अदालत के हस्तक्षेप के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने आरोपी डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुनाफे का लालच देकर शुरू हुआ ठगी का खेल
विजया नगर एक्सटेंशन निवासी और ‘मैसर्स मेट्रोज प्रोडक्शन’ के प्रोपराइटर ओमप्रकाश कुकरेजा की मुलाकात फरवरी 2020 में मुंबई (बोरीवली वेस्ट) स्थित ‘अग्रता आर्ट्स’ के संचालक मुरली लालवानी से हुई थी। आरोपी ने उन्हें भोजपुरी फिल्म ‘रामबाबू-श्यामबाबू’ में पैसा लगाने पर बड़े रिटर्न का भरोसा दिलाया। हालांकि, मुलाकात के बाद कोविड-19 महामारी के कारण लगभग दो साल तक प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं हो सका।
समझौता कर कई किश्तों में ऐंठे पैसे
माहौल सामान्य होने पर सितंबर 2023 में आरोपी डायरेक्टर ने फिर संपर्क किया और फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू करने का दावा किया। 22 सितंबर 2023 को दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट हुआ, जिसमें आरोपी ने पीड़ित से 20 स्टाम्प पेपर और प्रोडक्शन हाउस के 50 लेटरहेड ले लिए। इसके बाद लखनऊ में शूटिंग की तैयारियों का बहाना बनाकर 16 अगस्त से 18 अक्टूबर 2023 के बीच ऑनलाइन माध्यमों से कुल 12.90 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
रकम मांगी तो धमकी और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार
पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब कारोबारी ओमप्रकाश ने शूटिंग की प्रगति और काम का हिसाब मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब कारोबारी ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी मुरली लालवानी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, पीड़ित को चुप कराने के लिए आरोपी ने फेसबुक पर उनके खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर बदनाम करना शुरू कर दिया।

अदालत के निर्देश पर पुलिस एक्शन
शुरुआत में पुलिस स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित कारोबारी ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के कड़े रुख के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने आरोपी डायरेक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया।
“अदालत के आदेश पर आरोपी मुरली लालवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध पंजीकृत कर लिया गया है। जिन बैंक खातों में 12.90 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, उनकी ट्रांजैक्शन डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। पुलिस टीम जल्द ही आरोपी तक पहुंचेगी।”
— रोबिन जैन, सीएसपी, ग्वालियर सिटी
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