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धनबाद में कांग्रेस का हल्लाबोल: MMDR संशोधन 2026 और चंदा विवाद के खिलाफ विशाल प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

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धनबाद में कांग्रेस का विशाल प्रदर्शन: चंदा घोटाले की जांच और MMDR संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

धनबाद। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चंदे में पारदर्शिता और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में गुरुवार को धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी ने जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्यों के वित्तीय व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव सह जिला प्रभारी डॉ. राकेश किरण महतो और विशिष्ट अतिथि के रूप में धनबाद लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी अनुपमा सिंह उपस्थित थीं। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद उपायुक्त के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।

प्रमुख बिंदु:

  • चंदा चोरी पर सवाल: मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे का स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट और निष्पक्ष जांच कराने की मांग।
  • झारखंड के अधिकारों पर हमला: MMDR संशोधन 2026 को राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
  • चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर केंद्र सरकार के खिलाफ जन-आंदोलन तेज करने का ऐलान।

झारखंड के अधिकारों को कमजोर कर रहा है केंद्र: डॉ. राकेश किरण महतो

धरना को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. राकेश किरण महतो ने कहा कि MMDR अधिनियम में संशोधन के माध्यम से झारखंड जैसे खनिज समृद्ध राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला किया गया है।

“झारखंड की अर्थव्यवस्था और यहां के लोगों का जीवन खनिजों से जुड़ा है। खनन राजस्व पर राज्य का उचित अधिकार होना चाहिए। केंद्र ऐसा कोई कानून न बनाए जिससे राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित हो। इसके खिलाफ कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी।”

डॉ. राकेश किरण महतो

चंदे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। एकत्रित राशि का पारदर्शी ऑडिट कराकर वास्तविक स्थिति देश के सामने लाई जानी चाहिए।

विस्थापन और प्रदूषण हम झेलें, तो राजस्व पर पहला हक हमारा: अनुपमा सिंह

पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अनुपमा सिंह ने कहा कि झारखंड केवल संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि यहां के लोगों के पसीने और भविष्य से जुड़ा प्रदेश है।

“खनन के दुष्परिणाम—जैसे विस्थापन, प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति—झारखंड की जनता भुगतती है। ऐसे में खनिज राजस्व में राज्य और प्रभावित लोगों का मुख्य हिस्सा होना चाहिए। यदि कानून बनाकर राज्यों के अधिकार छीने गए, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। यह लड़ाई हमारी आने वाली पीढ़ियों के हक की है।”

अनुपमा सिंह

उन्होंने श्रद्धालुओं के चंदे में पूर्ण पारदर्शिता और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई।

आस्था का सम्मान, पर भ्रष्टाचार और तानाशाही बर्दाश्त नहीं: संतोष कुमार सिंह

धरना का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का आंदोलन किसी धार्मिक आस्था के विरोध में नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।

“केंद्र सरकार राज्यों के राजस्व अधिकारों पर अतिक्रमण बंद करे। जनविश्वास, पारदर्शिता और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।”

संतोष कुमार सिंह

उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त धनबाद को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन की मुख्य मांगें:

  1. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चंदे का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष वित्तीय ऑडिट कराया जाए और अनियमितता पाए जाने पर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
  2. MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 के उन प्रावधानों की समीक्षा की जाए जो राज्यों के कराधिकार (Taxation rights) और वित्तीय स्वायत्तता को नुकसान पहुंचाते हैं।
  3. सहकारी संघवाद की भावना के तहत खनिज बहुल राज्यों के हितों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति

इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से एके झा, सुल्तान अहमद, मदन महतो, मुख्तार खान, मनोज यादव, दुर्गा दास, अब्दुल करीम अंसारी, राशिद राजा अंसारी, पिंटू तूरी, सीता राणा, बिलकिस ख़ानम, शाहिदा कमर, खैरुन्निसा, निशा सिंह, रेखा देवी, शंकर प्रजापति, कालीचरण यादव, लक्ष्मण तिवारी, जोगेंद्र सिंह जोगी, रामगोपाल भवानिया, मोहम्मद कयूम खान, अवध बिहारी प्रसाद, दिनेश यादव, महेंद्र दुबे, इरफान खान, मंटू दास, राजू दास, जहीर अंसारी, अनूप सिंह उर्फ डेविड, बिरेंद्र पासवान, मुकेश प्रसाद, रवि चौबे, राजेश राम समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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