धनबाद। जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और जांच प्रणाली को वैज्ञानिक रूप देने के लिए धनबाद पुलिस ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। साइबर सुरक्षा अभियान के तहत समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में जिले के विभिन्न थानों से आए अधिकारियों के लिए एक विशेष तकनीकी व वैज्ञानिक अनुसंधान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
- फॉरेंसिक साक्ष्यों की सुरक्षा: मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से मिलने वाले सबूतों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखने व उनका विश्लेषण करने की बारीकियां समझाई गईं।
- मानक जांच प्रक्रिया (SOP): साइबर अपराध दर्ज होने के बाद जांच की त्वरित प्रक्रिया और अपराधियों को ट्रैक करने के आधुनिक तकनीकी साधनों पर विस्तार से चर्चा हुई।
- केस को मजबूती देना: डिजिटल रिकॉर्ड्स का अदालत में सही प्रस्तुतीकरण किस प्रकार मामलों को मजबूत बनाता है, इसका व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
डीएसपी (सीसीआर सह साइबर) का बयान
प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए डीएसपी सीसीआर सह साइबर प्रदीप कुमार साव ने बताया कि साइबर अपराध पुलिस के सामने एक लगातार बदलती चुनौती है। मामलों का त्वरित और सटीक निपटारा तभी संभव है जब जांच अधिकारी आधुनिक तकनीक से लैस हों। फॉरेंसिक साक्ष्यों का सही इस्तेमाल अपराधियों तक पहुंचने और उन्हें सजा दिलाने में निर्णायक साबित होगा।
इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध के बदलते पैटर्न से अपडेट रखना और धनबाद पुलिस की डिजिटल अनुसंधान क्षमता को अधिक प्रभावी बनाना है।
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