Home झारखण्ड झारखण्ड राज्य संगीत नाटक अकादमी के गठन की स्वीकृति
झारखण्डमनोरंजनराज्य

झारखण्ड राज्य संगीत नाटक अकादमी के गठन की स्वीकृति

Share
Share

राँची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 2 सितंबर को आयोजित सितंबर माह की पहली कैबिनेट बैठक में कैबिनेट द्वारा लिए गए कुल 67 प्रमुख निर्णयों में से एक राज्य के संगीत नाटक (अभिनय) कला से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में झारखण्ड राज्य के पूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में संगीत नाटक और अनुप्रयुक्त कलाओं के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करने और गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा इसके माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “झारखण्ड राज्य संगीत नाटक अकादमी” के गठन की स्वीकृति दी गई।
16 मार्च 2024 को हुई कैबिनेट की बैठक में पहली बार इस अकादमी पर निर्णय होना था, किंतु यह उस समय टलने के बाद अंततः कल 2 सितंबर 2025 को यह संभव हो सका।
“झारखण्ड राज्य संगीत नाटक अकादमी” के माध्यम से झारखंड की कला संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के साथ साथ इससे जुड़े कलाकारों की दिशा दशा तय करने में सरकार को एक वृहद आयाम मिल सकेगा। सभी जिलों से जिला प्रशासन द्वारा एक एक अनुशंसित कलाकार तथा कला संस्कृति विभाग से अनुशंसित कुछ वरीय अनुभवी कलाकार अकादमी में प्रतिनिधित्व करते हुवे राज्य में संगीत व नाटक (अभिनय) विधा एवं इससे जुड़े कलाकारों के उत्थान से संबंधित निर्णय ले सकेंगे
इसके अलावा राज्य की चित्रकला, मूर्तिकला, शिल्पकला व हस्तकला इत्यादि विधाओं के उत्थान हेतु “झारखण्ड राज्य ललित कला अकादमी” एवं राज्य की भाषा साहित्य (जनजातीय भाषाओं के अलावा) के उत्थान हेतु “झारखण्ड राज्य साहित्य अकादमी” के गठन की भी स्वीकृति दी गई।


इस महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को संगीतकार श्रीकांत इंदवार ने अनेकानेक धन्यवाद दिया।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles