धनबाद । उच्च न्यायालय झारखंड के द्वारा न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया।जिसमें राज्य के संवेदकों को अब किसी भी कार्य का शिलान्यास नहीं करना पड़ेगा।सरकार द्वारा निर्गत शिलान्यास से संबंधित 8 अक्टूबर 2021 को दिये गये आदेश को पूर्णतः स्थगित कर दिया गया है। जिससे झारखण्ड के सभी संवेदक बिना शिलान्यास कराए काम प्रारंभ कर सकते हैं,इससे संवेदकों में खुशी की लहर है।
वरीय अधिवक्ता प्रत्यूष लाला के तार्किक दलील से शिलान्यास रूपी कुप्रथा को बंद किया गया।इसमें ना सिर्फ संवेदक का भयदोहन होता था, बल्कि आम जनता को भी सरकारी लाभ मिलने में देर होता था।
याचिका दायरकर्ता झारखंड संवेदक संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने बताया कि उनके पास राज्य के कई संवेदकों ने अपनी समस्या रखी थी और एक सामूहिक निर्णय हुआ था कि इसके खिलाफ हम सभी संवेदक न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे।निश्चित रूप से यह जीत झारखंड के इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा।यह जीत सिर्फ मेरी नहीं बल्कि सभी संवेदकों की है।
धनबाद जिले के प्रमुख संवेदकों ने अध्यक्ष का मुंह मीठा कर बधाई दी।बधाई देने वालों में संवेदक पप्पु चौरसिया, राजेश सिंह, होरेन चौधरी, उपेंद्र यादव, अशलम अंसारी, फरहान, मो. शौकत खान, मनोज कुमार, धनेश्वर चौधरी, कन्हैया मिश्रा, रशाद खान, भोला मिश्रा एवं अन्य शामिल हैं।
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