रांची : न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर एवं सदस्य सचिव झालसा, कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त, रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव राकेश रौशन की मौजुदगी में बुंडू प्रखंड के बारूहातु पंचायत भवन में विधिक सेवा आपके द्वारा कार्यक्रम के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर LADC वीरेंद्र प्रताप, शौरभ पांडे , पीएलवी रुक्मणि देवी, विमला देवी, मुस्कान कुमारी, संध्या कुमारी , अश्विनी प्रामाणिक, रेणुका देवी , शोएब अंसारी चालक राजा वर्मा व अन्य उपस्थित रहें।
एलएडीसी वीरेंद्र प्रताप ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने लोगो को पोक्सो एक्ट, मोटरवैहिकल एक्ट, बाल श्रम, बाल विवाह, डायन बिसाही एवं पीड़ित मुआवजा, लोक अदालत, मध्यस्थता के बारे में जानकारी दी। सौरभ पांडे ने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में डालसा कड़ी का काम करता है। उन्होंने नालसा द्वारा संचालित योजना, आशा, जागृति, साथी, डॉन एवं नालसा टॉल फ्री नम्बर – 15100 पर भी फोकस किये। वीरेंद्र प्रताप ने कहा कि सभी पंचायत, ब्लॉक और अस्पतालों में पीएलवी नियुक्त किये गये है। जरूरत पड़ने पर पीएलवी से सम्पर्क कर मदद ले सकते है। सौरभ पांडेय ने कहा कि न्यायालय से पीड़ित या पीड़िता को मुआवजा देने के आदेश होने पर डालसा पीड़ितों को जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में सहायता करता है। वीरेंद्र प्रताप ने कहा कि बाल-विवाह एवं बाल-श्रम कानूनन अपराध है, इसमें सजा का भी प्रावधान हैं। सुभाषचंद्र महतो ने नशा उन्मूलन पर बताया कि युवाओं को नशा से बचना चाहिए क्योंकि नशा से घर-परिवार बरबाद होता है, संजय भोगता ने कहा कि डायन-बिसाही अपराध के श्रेणी में आता है, किसी भी महिला को डायन कहना गलत है। इसके अलावा डालसा की टीम ने आगामी 09 मई को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उक्त तिथि को वादकारी अपने वादों का निःशुल्क निस्तारण करा सकते है। यह भी ज्ञात हो कि डालसा के टीम के द्वारास वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, जॉब कार्ड, मईया सम्मान योजना, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के बारे में जानकारी दी गयी।
ज्ञात हो कि 09 मई को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में डालसा टीम के द्वारा जानकारी दी गयी। न्यायालय में कोई भी वाद लंबित हैं, तो राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन वादों का निबटरा कराया जा सकता हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक सुलहनीय मामले, दीवानी से संबंधित मामले, श्रम से संबंधित वाद, वैवाहिक वाद, पारिवारिक वाद, उत्पाद से संबंधित मामले, चोक बाउंस के मामले, वन विभाग के मामले, बिजली से संबंधित मामले, ट्रैफिक चालान से संबंधित मामले साथ ही साथ भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल से संबंधित वाद एवं वैवाहिक से संबंधित मामलों को चिन्हित करके पक्षकारों को नोटिस भेजा जा रहा है।
यह जानकारी डालसा सचिव ने दी।
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