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Mann Ki Baat में PM मोदी ने 10 महीने की ऑर्गन डोनर ‘आलीन’ को किया सलाम

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PM Modi tribute Aalin Sherin Abraham
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131वें Mann Ki Baat में PM मोदी ने केरल की 10 माह की सबसे छोटी ऑर्गन डोनर आलीन शेरिन अब्राहम को श्रद्धांजलि दी। हादसे के बाद ब्रेन-डेड घोषित बच्ची के माता-पिता ने लिवर, किडनी, हार्ट वॉल्व और कॉर्निया दान किए, जिससे 5 मरीजों को नई जिंदगी मिली।

“माता-पिता के लिए सबसे बड़ा दुख…”: PM मोदी ने Mann Ki Baat में ऑर्गन डोनेशन और आलीन की कहानी क्यों सुनाई

मन की बात: PM मोदी ने केरल की सबसे छोटी अंगदाता 10 माह की ‘आलीन’ को किया याद, ऑर्गन डोनेशन पर भावुक अपील

परिचय: एक बच्ची, पांच जिंदगियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में केरल की 10 महीने की बच्ची आलीन शेरिन अब्राहम को श्रद्धांजलि दी। PM मोदी ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख नहीं होता, और बहुत छोटे बच्चे को खोने का दर्द और भी गहरा होता है। ऐसे समय में आलीन के माता-पिता का अंगदान का फैसला “साहस और करुणा” का असाधारण उदाहरण है।

PM मोदी ने इस पूरे प्रसंग के जरिए देश में अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ऑर्गन डोनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और इससे मेडिकल रिसर्च को भी बढ़ावा मिल रहा है। उनका संदेश साफ था—अंगदान किसी को दूसरा जीवन दे सकता है, और आलीन जैसे उदाहरण लोगों को प्रेरित करते हैं।

आलीन कौन थीं और क्या हुआ था?
आलीन शेरिन अब्राहम केरल के पथानामथिट्टा जिले के मल्लप्पल्ली की रहने वाली थीं। 5 फरवरी को कोट्टायम जिले में पल्लम जंक्शन के पास एक सड़क दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं। उस समय वह अपनी मां और नाना-नानी के साथ यात्रा कर रही थीं, जब उनकी गाड़ी को सामने से आ रही कार ने टक्कर मार दी। बच्ची के सिर में गंभीर चोटें आईं और परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए।

उन्हें पहले चंगनासेरी और तिरुवल्ला के अस्पतालों में उपचार मिला, फिर बेहतर इलाज के लिए कोच्चि के एक अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इलाज के बावजूद डॉक्टरों ने 13 फरवरी को बच्ची को ब्रेन-डेड घोषित कर दिया। इसके बाद मेडिकल अथॉरिटीज की काउंसलिंग के बाद माता-पिता ने अंगदान की सहमति दी।

कौन-कौन से अंग/टिशू दान किए गए?
आलीन के माता-पिता की सहमति के बाद डॉक्टरों ने ट्रांसप्लांट के लिए उनके अंग/टिशू रिट्रीव किए। इसमें लिवर, दोनों किडनी, हार्ट वॉल्व और कॉर्निया शामिल थे। यह निर्णय इसलिए भी खास माना गया क्योंकि इतनी कम उम्र में अंगदान के मामले बहुत दुर्लभ होते हैं और इससे कई मरीजों को जीवन-रक्षक मदद मिलती है।

अंगदान का असर: किसे मिला जीवनदान?
रिपोर्ट के मुताबिक, आलीन का लिवर एक 6 महीने के शिशु में ट्रांसप्लांट किया गया, जो इलाज के दौरान था। इससे यह बच्चा राज्य में पोस्टह्यूमस (मृत्यु के बाद) लिवर डोनेशन का लाभ पाने वाले सबसे कम उम्र के लाभार्थियों में से एक बन गया। दोनों किडनियां एक अन्य बच्चे को अलॉट की गईं, जबकि हार्ट वॉल्व और कॉर्निया जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किए गए।

केरल पुलिस का गार्ड ऑफ ऑनर: एक दुर्लभ सम्मान
आलीन के जीवन-रक्षक योगदान को सम्मान देने के लिए केरल पुलिस ने उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। यह एक दुर्लभ और प्रतीकात्मक कदम माना गया, जो यह दिखाता है कि समाज अंगदान को कितनी गंभीरता और सम्मान के साथ देखने लगा है।

स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज का बयान: “समाज के लिए शक्तिशाली संदेश”
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने इस फैसले को समाज के लिए एक मजबूत संदेश बताया। उन्होंने कहा कि गहरे दुख के बीच माता-पिता ने अपनी बेटी के अंग दान करने का निर्णय लिया, जो मानवता के लिए प्रेम और देखभाल का प्रतीक है और दूसरों के लिए एक मॉडल की तरह है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने बच्ची को सम्मानित करने का फैसला लिया है।

मन की बात में ऑर्गन डोनेशन पर संदेश क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन कई परिवार अभी भी गलतफहमियों, डर और जानकारी की कमी के कारण निर्णय नहीं ले पाते। जब देश के प्रधानमंत्री सार्वजनिक मंच से ऐसे वास्तविक उदाहरण साझा करते हैं, तो यह संदेश ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। खासकर जब कहानी किसी 10 महीने के बच्चे की हो, तो यह लोगों के दिलों को सीधे छूती है और समाज में करुणा व जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाती है।

ऑर्गन डोनेशन पर आम लोगों के लिए व्यावहारिक बातें

  1. परिवार में खुलकर बात करें
    अंगदान का निर्णय अक्सर परिवार की सहमति और समझ पर निर्भर करता है, इसलिए इसे “टैबू” की तरह न रखें।
  2. सही जानकारी लें
    ब्रेन-डेथ और ऑर्गन डोनेशन के नियमों/प्रक्रिया की जानकारी अस्पताल या अधिकृत संस्थानों से लें।
  3. अंगदान की इच्छा दर्ज करें
    जहां संभव हो, ऑर्गन डोनर कार्ड/रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रिया अपनाएं ताकि परिवार को निर्णय लेना आसान हो।
  4. भावनात्मक फैसले में समय लगता है
    परिवार शोक में होता है, इसलिए काउंसलिंग और मेडिकल टीम का संवेदनशील रवैया सबसे जरूरी होता है—जैसा कि आलीन के मामले में भी हुआ।

FAQs (5)

  1. PM मोदी ने मन की बात में आलीन को क्यों याद किया?
    PM मोदी ने 10 माह की आलीन शेरिन अब्राहम को केरल की सबसे छोटी अंगदाता बताते हुए उनके माता-पिता के फैसले को साहस और करुणा का असाधारण उदाहरण कहा और अंगदान जागरूकता पर बात की।
  2. आलीन के साथ हादसा कब और कहां हुआ?
    आलीन को 5 फरवरी को कोट्टायम जिले में पल्लम जंक्शन के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आईं, बाद में उन्हें कोच्चि के अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
  3. उन्हें ब्रेन-डेड कब घोषित किया गया?
    डॉक्टरों ने 13 फरवरी को उन्हें ब्रेन-डेड घोषित किया।
  4. कौन-कौन से अंग/टिशू दान किए गए?
    उनका लिवर, दो किडनी, हार्ट वॉल्व और कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए रिट्रीव किए गए।
  5. इस अंगदान से कितने लोगों को फायदा हुआ?
    रिपोर्ट के अनुसार, इस अंगदान से 5 जरूरतमंद मरीजों को जीवन-रक्षक मदद मिली, जिसमें एक 6 महीने का शिशु भी शामिल है।

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