डिंडोरी (मध्य प्रदेश) । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर डिंडौरी में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।वहीं खेल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिला शक्ति का उत्सव भी मनाया गया।
यह आयोजन कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्राएं और जनप्रतिनिधि शामिल हुये।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम और शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह, एसडीएम भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी जैन और जिला शिक्षा अधिकारी सुमन परस्ते सहित कई अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। लोकनृत्य, करमा और सैला नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के लिए पारंपरिक वेशभूषा में कबड्डी और रस्साकस्सी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। खास बात यह रही कि 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया। विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और विभागीय कर्मचारी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की एक खास झलक यह रही कि दोनों विधायकों ने महिला जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारी महिलाओं को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि नारी सम्मान और सशक्तिकरण के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं और जब नारी शिक्षित होगी तो समाज और देश का विकास भी तेज गति से होगा।
डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, राजनीति, सेना और खेल सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और समाज की वास्तविक प्रगति तब संभव है जब महिलाओं को सम्मान, शिक्षा और अवसर मिलें।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। शासन द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल प्रतियोगिताओं और सम्मान समारोह के साथ मनाया गया यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर डिंडौरी में महिला शक्ति का यह उत्सव पूरे जिले के लिए प्रेरणा बनकर सामने आया।
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