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27th Kargil Vijay Diwas: राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश | Operation Sindoor

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27th Kargil Vijay Diwas: Rajnath Singh's stern message to Pakistan – Operation Sindoor
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पाकिस्तान के हर दुस्साहस का कल्पना से परे कठोर जवाब देगा भारत: 27वें कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

द्रास (लद्दाख): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 जुलाई, 2026 को द्रास में आयोजित 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत पड़ोसी देश के किसी भी दुस्साहस का उसकी कल्पना से परे कठोर जवाब देने में सक्षम है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी और यदि कोई संवाद होगा, तो वह केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर होगा।

पाकिस्तान में सेना और आतंकवाद के बीच का अंतर खत्म

द्रास में युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बना लिया है, जिससे वहां सेना और आतंकियों के बीच का अंतर खत्म हो चुका है। भारत अब आतंकवादियों और उन्हें संरक्षण देने वाली सरकारों को अलग-अलग करके नहीं देखता।

भारत और पाकिस्तान के विकास के रास्तों की तुलना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा:

“कारगिल युद्ध के 27 वर्षों बाद दोनों देशों के रास्ते पूरी तरह अलग हो चुके हैं। भारत चिप डिजाइन, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष अभियानों में आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद, स्लीपर सेल और हवाला नेटवर्क के जरिए घुसपैठ में व्यस्त है।”

‘ये दिल मांगे मोर’: रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रसिद्ध नारे ‘ये दिल मांगे मोर’ को उद्धृत करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

  • आयात में कमी: 2014 से पहले भारत 65-70% रक्षा उपकरण आयात करता था, जबकि आज 65% उपकरण देश में ही बन रहे हैं।
  • स्वदेशी हथियार: ‘आकाश-तीर’ वायु रक्षा प्रणाली, अगली पीढ़ी की आकाश मिसाइल, आईएनएस विक्रांत, तेजस, प्रचंड, ध्रुव हेलीकॉप्टर, अर्जुन टैंक, पिनाका और अस्त्र मिसाइल भारतीय सेना की ताकत बढ़ा रहे हैं।
  • उन्होंने आगे कहा कि भारत में अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और आधुनिक हथियार बनाने का काम लगातार जारी रहेगा।

‘राष्ट्र सर्वोपरि’ और हर नागरिक में सैनिक जैसी चेतना

रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का साझा दायित्व है। उन्होंने युवाओं और देशवासियों का आह्वान किया कि यदि कभी आवश्यकता पड़े, तो प्रत्येक भारतीय को मानसिक, नैतिक और शारीरिक रूप से देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए कारगिल नायकों के त्याग और समर्पण को अपनाने पर जोर दिया।

प्रमुख झलकियां और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति

  • श्रद्धांजलि एवं वर्चुअल पोर्टल: रक्षा मंत्री ने कैप्टन विक्रम बत्रा और कैप्टन मनोज कुमार पांडे सहित 1999 के कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल युद्ध के इतिहास को आम जन तक पहुंचाने के लिए एक वर्चुअल वॉकथ्रू पोर्टल का उद्घाटन भी किया।
  • ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी: द्रास में उन्होंने मोटरसाइकिल रैली ‘शौर्य विजय यात्रा’ को रवाना किया, जिसे 14 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाई गई थी।
  • उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, 14 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे, 8 माउंटेन डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल एपी सिंह, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और शहीदों के परिजन मौजूद थे।

नई दिल्ली में श्रद्धांजलि: द्रास समारोह के साथ-साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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