फ्रांस ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का कदम बढ़ाया है। AI Impact Summit 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बोले—“भारत भी बच्चों-टीनएजर्स की सुरक्षा के लिए ऐसे ऑर्डर में जुड़ेगा।” भारत में सरकार अंडर-16 एक्सेस पर नियम बनाने पर विचार कर रही है।
पेरिस में ‘एक्शन’, दिल्ली में ‘इम्पैक्ट’: मैक्रों ने AI समिट में कहा—बच्चों पर सोशल मीडिया रोक जरूरी
फ्रांस का बड़ा फैसला: 15 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, मैक्रों बोले—“भारत भी जुड़ेगा”
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क/सोशल मीडिया पर रोक लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह बयान India AI Impact Summit 2026 के चौथे दिन दिए गए अपने कीनोट भाषण में दिया और दावा किया कि “बच्चों और किशोरों को सुरक्षित रखने” के लिए भारत भी ऐसे ऑर्डर में शामिल होगा।
मैक्रों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा “रेगुलेशन” भर नहीं है, बल्कि “सभ्यता की सुरक्षा” है। उनका जोर इस बात पर था कि डिजिटल स्पेस में बच्चों के लिए सेफ्टी को प्राथमिकता देनी होगी, क्योंकि स्क्रीन टाइम, हानिकारक कंटेंट और ऑनलाइन खतरों का असर सीधे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और विकास पर पड़ता है।
फ्रांस में कानून किस स्टेज पर है और कब लागू होगा?
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में फ्रांस ने एक बिल को मंजूरी दी है, जिसके तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगेगी। यह प्रस्तावित कानून लागू होने से पहले फ्रांस की सीनेट से मंजूरी पाएगा, उसके बाद ही यह प्रभावी हो सकेगा।
फ्रांस सरकार चाहती है कि नए अकाउंट्स के लिए ये नियम सितंबर 2026 (2026 स्कूल ईयर की शुरुआत) से लागू हों। वहीं, जो पुराने अकाउंट्स उम्र की शर्त पूरी नहीं करते, उन्हें बाद में साल के भीतर बंद किया जाएगा। यानी फ्रांस चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने की तैयारी में है।
ऑस्ट्रेलिया मॉडल का जिक्र क्यों हो रहा है?
मैक्रों के बयान में ऑस्ट्रेलिया का संदर्भ इसलिए अहम है क्योंकि एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस यदि यह कानून लागू कर देता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा देश होगा जो नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर कड़ा प्रतिबंध लगाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के लोग सोशल मीडिया ऐप्स पर नया अकाउंट नहीं बना सकते और न ही अपना अकाउंट बनाए रख सकते। खास बात यह है कि वहां नियम का बोझ बच्चों या परिवार पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों पर डाला गया है—उन्हें अंडर-16 अकाउंट्स रोकने होंगे, वरना भारी जुर्माने का जोखिम है।
भारत का रुख: अंडर-16 नियमों पर विचार, लेकिन “कम्प्लीट बैन” नहीं?
Moneycontrol में उद्धृत Hindustan Times रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि भारत सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। इसके लिए Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन का विकल्प देखा जा रहा है।
हालांकि, सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि भारत ऑस्ट्रेलिया जैसा “पूरी तरह” बैन लागू करने के मूड में नहीं है, बल्कि उम्र-आधारित रेस्ट्रिक्शन्स/गार्डरेल्स पर ज्यादा फोकस हो सकता है। यह भी कहा गया कि सरकार ऑस्ट्रेलियाई मॉडल को “देख” रही है।
IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा?
रिपोर्ट के अनुसार, IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ उम्र-आधारित प्रतिबंधों (age-based restrictions) को लेकर परामर्श (consultations) कर रही है। यानी नीति-निर्माण से पहले प्लेटफॉर्म्स, टेक इंडस्ट्री और अन्य स्टेकहोल्डर्स से बातचीत चल रही है।
भारत में अभी कानून क्या कहता है? (DPDP Act का असर)
रिपोर्ट बताती है कि भारत में फिलहाल ऐसा कोई अलग कानून नहीं है जो किसी खास उम्र से कम बच्चों को सोशल मीडिया यूज करने से सीधे “प्रतिबंधित” करता हो। लेकिन Digital Personal Data Protection (DPDP) Act के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के पर्सनल डेटा को प्रोसेस करने से पहले verifiable parental consent लेना अनिवार्य है।
यह नियम “अप्रत्यक्ष रूप से” बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर असर डालता है, क्योंकि प्लेटफॉर्म्स को कानूनी रूप से बच्चों का डेटा हैंडल करने के लिए पैरेंटल परमिशन पर निर्भर रहना पड़ता है। इसका मतलब यह भी है कि पैरेंटल कंसेंट के बिना बच्चों को टारगेटेड ऐड्स दिखाना या डेटा कलेक्ट करना प्लेटफॉर्म्स के लिए जोखिम भरा हो जाता है।
फ्रांस बनाम ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत:
| देश | प्रस्तावित/लागू उम्र सीमा | स्टेटस/टाइमलाइन | लागू कराने की जिम्मेदारी |
|---|---|---|---|
| फ्रांस | 15 से कम | बिल पास, सीनेट अप्रूवल बाकी; लक्ष्य सितंबर 2026 से नए अकाउंट्स | नियम लागू होने पर प्लेटफॉर्म्स/सरकारी फ्रेमवर्क |
| ऑस्ट्रेलिया | 16 से कम | 10 दिसंबर 2025 से नियम लागू | सोशल मीडिया कंपनियां; भारी जुर्माने का जोखिम |
| भारत | 16 से कम (विचाराधीन) + DPDP में 18 से कम के लिए parental consent | IT Rules 2021 में संशोधन पर विचार; प्लेटफॉर्म्स से कंसल्टेशन चल रही | नीति तय होने पर प्लेटफॉर्म्स + DPDP के तहत पैरेंटल कंसेंट |
“AI for all” और “Safe spaces”: मैक्रों का AI समिट संदेश
मैक्रों ने AI को “उत्पादकता का शक्तिशाली एक्सेलरेटर” बताया, लेकिन यह भी कहा कि “सेफ स्पेस” लंबे समय में जीतते हैं। उन्होंने फ्रांस-भारत के बीच “सॉवरेन AI” के साझा विजन की बात की—ऐसा AI जो ग्रह की रक्षा करे, समृद्धि बढ़ाए और सभी के लिए उपयोगी हो।
उन्होंने यह भी कहा कि “जो AI dialects नहीं समझता, वह AI for all नहीं है।” साथ ही उन्होंने अपने संदेश को एक लाइन में समेटा: “पिछले साल पेरिस में हमने इसे action कहा था, इस साल दिल्ली में हम इसे impact कहते हैं।”
भारत के लिए बड़ी चुनौती: नियम बने तो लागू कैसे होंगे?
भारत में यदि अंडर-16 रेस्ट्रिक्शन आता है तो असली सवाल “एज वेरिफिकेशन” का होगा—उम्र का सत्यापन कैसे किया जाए, बिना बच्चों की प्राइवेसी तोड़े। दूसरा सवाल यह होगा कि क्या नियम सिर्फ नए अकाउंट्स पर लागू होंगे या पुराने अकाउंट्स पर भी, और प्लेटफॉर्म्स को अनुपालन के लिए कितना समय मिलेगा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गोवा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे कुछ राज्य ऑस्ट्रेलिया-जैसी उम्र सीमा पर विचार कर रहे हैं, हालांकि इसे लागू करने का तरीका अभी स्पष्ट नहीं है। यानी नीति पर बहस सिर्फ केंद्र स्तर पर नहीं, राज्य स्तर पर भी चल रही है।
FAQs (5)
- फ्रांस किस उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने जा रहा है?
फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क/सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। - मैक्रों ने भारत के बारे में क्या कहा?
मैक्रों ने कहा कि बच्चों और किशोरों को सुरक्षित रखने के लिए भारत भी ऐसे ऑर्डर में शामिल होगा ताकि युवा नागरिक सच में सुरक्षित रहें। - फ्रांस में यह कानून कब लागू हो सकता है?
बिल अभी सीनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है; सरकार चाहती है कि सितंबर 2026 से नए अकाउंट्स पर नियम लागू हों और पुराने अंडर-एज अकाउंट्स बाद में बंद किए जाएं। - भारत में अभी सोशल मीडिया के लिए बच्चों पर सीधा बैन है क्या?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अभी कोई ऐसा अलग कानून नहीं है जो किसी निश्चित उम्र से कम बच्चों को सोशल मीडिया एक्सेस से सीधे रोकता हो, लेकिन DPDP Act के तहत 18 से कम उम्र वालों के डेटा प्रोसेसिंग के लिए verifiable parental consent जरूरी है। - ऑस्ट्रेलिया का अंडर-16 बैन कैसे काम करता है?
ऑस्ट्रेलिया में 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के लोग सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं बना/रख सकते; नियम का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों पर है और उल्लंघन पर भारी जुर्माना लग सकता है।
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