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प्रदूषण भारत की ग्रोथ किलर: IMF की पूर्व चीफ ने कहा- टैरिफ से ज्यादा नुकसान, मिशन मोड जरूरी

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Gita Gopinath pollution India
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गीता गोपीनाथ ने डावोस में कहा- प्रदूषण टैरिफ से कहीं बड़ा खतरा। वर्ल्ड बैंक के अनुसार सालाना 17 लाख मौतें। प्रोडक्टिविटी, हेल्थकेयर कॉस्ट बढ़े। भारत को मिशन मोड में प्रदूषण रोकना होगा। निवेशक हवा खराब देख भागेंगे।

भारत की असली समस्या प्रदूषण: गीता गोपीनाथ बोलीं- निवेशक भागेंगे, प्रोडक्टिविटी गिरेगी

गीता गोपीनाथ का डावोस बम: प्रदूषण टैरिफ से कहीं बड़ा खतरा, भारत की अर्थव्यवस्था चुपके से खा रहा

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर और पूर्व IMF चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने एक ऐसा बयान दिया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने साफ कहा कि भारत के लिए ग्लोबल टैरिफ्स से कहीं ज्यादा खतरनाक प्रदूषण है। ‘प्रदूषण भारत में चुनौती है और इसका अर्थव्यवस्था पर असर अब तक लगे किसी भी टैरिफ से ज्यादा गहरा है,’ गोपीनाथ ने कहा। प्रदूषण सिर्फ पर्यावरण की नहीं, बल्कि प्रोडक्टिविटी, हेल्थकेयर कॉस्ट और ओवरऑल इकोनॉमिक एक्टिविटी को चुपके से खोखला कर रहा।​

गोपीनाथ ने वर्ल्ड बैंक की 2022 स्टडी का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि भारत में प्रदूषण से हर साल लगभग 17 लाख मौतें होती हैं। ये देश की कुल मौतों का 18% है। रोजाना 4657 लोग प्रदूषण से मर रहे। ये सिर्फ ह्यूमन कॉस्ट नहीं, बल्कि इकोनॉमिक ड्रैग भी। लेबर प्रोडक्टिविटी गिरती है, हेल्थकेयर खर्च बढ़ता है, वर्कफोर्स एफिशिएंसी कम होती। खासकर बड़े शहरों में जहां GDP का बड़ा हिस्सा आता। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे सेंटर्स में AQI 300+ रहता तो बिजनेस स्लो डाउन।​

निवेशकों के लिए तो प्रदूषण डील ब्रेकर। गोपीनाथ बोलीं, ‘अगर कोई इंटरनेशनल इनवेस्टर भारत में फैक्ट्री लगाने या रहने का सोचे तो हवा की क्वालिटी मैटर करती।’ FDI लाने के चक्कर में इंफ्रास्ट्रक्चर तो सुधार रहे लेकिन क्लीन एयर पर कम फोकस। प्रदूषण से लॉन्ग टर्म ग्रोथ डैमेज। भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा लेकिन पर कैपिटा इनकम बढ़ाना मुश्किल क्योंकि गरीब घरों पर प्रदूषण का बोझ ज्यादा।​

प्रदूषण के आर्थिक नुकसान

प्रभावसालाना नुकसानआंकड़ा
मौतें17 लाख18% कुल मौतें 
GDP लॉस3-5%लेबर प्रोडक्टिविटी 
हेल्थकेयर2 लाख करोड़+हॉस्पिटल खर्च 
सिक डेज20% वर्करबीमारी से अनुपस्थिति

गोपीनाथ ने मिशन मोड की मांग की। ‘प्रदूषण से निपटना भारत का टॉप नेशनल प्रायोरिटी बनना चाहिए। इसे मिशन की तरह ट्रीट करो।’ डीरेगुलेशन के साथ क्लीन एयर प्रायोरिटी। सुप्रीम कोर्ट ने भी बुधवार को सेंटर और दिल्ली-NCR स्टेट्स को CAQM के लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान लागू करने को कहा। पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान को रिपोर्ट दें।

प्रदूषण के सोर्सेस और असर

  • पराली जलाना: 30% विंटर PM2.5
  • इंडस्ट्री: 25% एमिशन
  • व्हीकल्स: 20% नाइट्रोजन
  • कंस्ट्रक्शन: धूल 15%
    अस्पताल में सांस बीमारी 40% बढ़ी। बच्चे, बुजुर्ग सबसे खतरे में।

सरकार के कदम

  • NCAP: 131 शहरों में क्लीन एयर प्लान
  • GRAP: स्टेज 4 में स्कूल बंद
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल पुश
  • BS-VI फ्यूल
    लेकिन एनफोर्समेंट कमजोर।

क्या करें आम आदमी?

  • मास्क पहनें AQI 200+ पर
  • कार पूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट
  • घर पर HEPA फिल्टर
  • पौधे लगाएं
  • पराली बायो-एनर्जी

इंडस्ट्रीज का रोल

  • जीरो लिक्विड डिस्चार्ज
  • ग्रीन एनर्जी शिफ्ट
  • डस्ट कंट्रोल सिस्टम

गोपीनाथ सही कह रही। टैरिफ तो नेगोशिएट हो जाते। प्रदूषण साइलेंट किलर। 2047 विकसित भारत का सपना क्लीन एयर से ही पूरा। मिशन क्लीन एयर शुरू करें।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. गीता गोपीनाथ ने प्रदूषण को टैरिफ से क्यों बड़ा खतरा बताया?
    प्रोडक्टिविटी लॉस, हेल्थ कॉस्ट, इनवेस्टर फियर। लॉन्ग टर्म GDP डैमेज।
  2. वर्ल्ड बैंक स्टडी में क्या आंकड़े?
    17 लाख मौतें सालाना, 18% कुल डेथ्स।
  3. प्रदूषण से GDP कितना नुकसान?
    3-5% अनुमानित। लेबर और हेल्थ पर असर।
  4. गोपीनाथ ने क्या सलाह दी?
    मिशन मोड में प्रदूषण कंट्रोल। टॉप प्रायोरिटी।
  5. सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
    CAQM प्लान लागू करें NCR स्टेट्स।

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