Home देश “जमीन चीन को नहीं दी” – जनरल नरवणे ने राहुल के दावे खारिज किए, लखनऊ एयरपोर्ट पर सवालों से बचते दिखे राहुल
देश

“जमीन चीन को नहीं दी” – जनरल नरवणे ने राहुल के दावे खारिज किए, लखनऊ एयरपोर्ट पर सवालों से बचते दिखे राहुल

Share
Rahul Gandhi walks away questions Lucknow airport
Share

गलवान-लद्दाख विवाद में पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की पब्लिश न हुई मेमॉयर के कथित “एक्सर्प्ट्स” पर नया बवाल। लखनऊ एयरपोर्ट पर सवालों से राहुल गांधी बचते दिखे। नरवणे ने “भारत ने चीन को जमीन नहीं दी” कहा, जबकि पेंगुइन रैंडम हाउस ने स्पष्ट किया कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई। 

पब्लिश न हुई किताब के ‘एक्सर्प्ट्स’ संसद में पढ़े? पेंगुइन की सफाई के बाद BJP का हमला, राहुल से माफी की मांग

नरवणे मेमॉयर विवाद क्या है: संसद से एयरपोर्ट तक पहुंचा गलवान ‘बुक एक्सर्प्ट्स’ विवाद

गलवान और लद्दाख गतिरोध से जुड़ी बहस में एक नया राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में एक मैगज़ीन आर्टिकल का हवाला देकर पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित (unpublished) मेमॉयर के कथित “एक्सर्प्ट्स” उद्धृत करने की कोशिश की। इसके बाद पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे और किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से सफाई आने के बाद BJP ने राहुल गांधी पर संसद और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की।

इसी विवाद के बीच शुक्रवार को राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पर रिपोर्टरों के सवालों से बचते दिखे। रिपोर्ट के अनुसार, रिपब्लिक भारत के रिपोर्टर ने उनसे नरवणे के हालिया इंटरव्यू और उनके बयान पर सवाल पूछे, लेकिन राहुल गांधी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। इस वीडियो को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राहुल गांधी ने संसद में क्या किया था?

मनीकंट्रोल रिपोर्ट के मुताबिक, बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में तीखी बहस हुई, जब राहुल गांधी ने एक मैगज़ीन आर्टिकल का संदर्भ लेते हुए नरवणे की मेमॉयर से जुड़े कथित हिस्सों को कोट करने की कोशिश की। यह मेमॉयर ‘Four Stars of Destiny’ नाम से बताई गई है, और रिपोर्ट के अनुसार किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।

यह पूरा विवाद इसलिए संवेदनशील है क्योंकि इसमें भारत-चीन सीमा पर हुए गलवान संघर्ष, लद्दाख में सैन्य स्थिति और “क्या भारत ने कोई इलाका खोया?” जैसे गंभीर सवाल राजनीतिक मंच पर आ जाते हैं।

जनरल नरवणे का जवाब: “भारत ने चीन को जमीन नहीं दी”

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे ने इस विवाद से जुड़ी राजनीतिक व्याख्याओं और आरोपों को खारिज किया। रिपोर्ट के मुताबिक, रिपब्लिक वर्ल्ड को दिए एक इंटरव्यू में नरवणे ने कहा कि यह दावा सही नहीं है कि भारत ने चीन को कोई जमीन “सीड” (cede) की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम से जो राजनीतिक निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं, वे “तथ्यों के अनुरूप” नहीं हैं और “ग्राउंड रियलिटी” को नहीं दर्शाते।

यानी नरवणे की लाइन यह रही कि गलवान/लद्दाख मामले में “इलाका छोड़ने” वाली थ्योरी गलत है और उनके इंटरव्यू में उन्होंने उन दावों को नकारा है।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सफाई: किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई

विवाद बढ़ने के बाद प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भी एक स्पष्टीकरण जारी किया। उसने कहा कि ‘Four Stars of Destiny’ (एम.एम. नरवणे की मेमॉयर) के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स उसके पास हैं और यह किताब अभी तक किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं हुई है।

यह बिंदु विवाद का केंद्र बन गया, क्योंकि राहुल गांधी ने जिस मैगज़ीन आर्टिकल से “एक्सर्प्ट्स” पढ़ने की कोशिश की, उस पर अब सवाल उठ रहे हैं कि अप्रकाशित किताब के “हिस्से” सार्वजनिक रूप से कैसे आए और संसद में किस आधार पर उन्हें प्रस्तुत किया गया।

BJP का हमला: राहुल से माफी की मांग

पेंगुइन के बयान और नरवणे के काउंटर के बाद BJP ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग तेज कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब साफ हो गया है कि राहुल गांधी ने “झूठ” फैलाया और संसद व देश को गुमराह किया।

BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी कहा कि पब्लिशर और लेखक—दोनों के रुख ने राहुल गांधी की “फिक्शन” को तोड़ दिया है और लोकसभा में उन्होंने जो कहानी बनाने की कोशिश की, वह “नष्ट” हो चुकी है। उन्होंने इसे “अक्षम्य” बताते हुए राहुल से माफी की मांग की।

किताब 2024 में आनी थी, लेकिन लॉन्च रुका—क्यों?

रिपोर्ट के मुताबिक, यह किताब 2024 में रिलीज़ होनी थी, लेकिन इसका लॉन्च रोक दिया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह मेमॉयर नरवणे के सैन्य करियर और नेतृत्व से जुड़ी झलक देती है, जिसमें चीन के साथ सीमा गतिरोध जैसे अहम ऑपरेशन्स का भी संदर्भ है।

हालांकि, क्योंकि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए इसके कंटेंट को लेकर किसी “अंतिम निष्कर्ष” पर पहुंचना आसान नहीं है और यही वजह है कि बयानबाजी और “एक्सर्प्ट्स” पर बहस और ज्यादा विवादित बन जाती है।

यह विवाद क्यों बड़ा है: संसद, राष्ट्रीय सुरक्षा और भरोसे का मुद्दा

यह मामला सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, क्योंकि:

  1. भारत-चीन सीमा जैसे विषय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं और यहां गलत सूचना का असर बहुत बड़ा हो सकता है।
  2. संसद में कही गई बातों का रिकॉर्ड और विश्वसनीयता, लोकतंत्र के लिए अहम है।
  3. अगर कोई सामग्री अप्रकाशित है, तो उसके “कथित अंश” पर आधारित दावे कानूनी और नैतिक सवाल खड़े कर सकते हैं।

इसीलिए BJP इसे “संसद को गुमराह करने” का मामला बताकर माफी की मांग कर रही है और राहुल गांधी पर दबाव बढ़ा रही है।

FAQs (5)

  1. नरवणे मेमॉयर विवाद किस बात पर है?
    यह विवाद इस बात पर है कि राहुल गांधी ने लोकसभा में एक मैगज़ीन आर्टिकल से पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित मेमॉयर के कथित “एक्सर्प्ट्स” उद्धृत करने की कोशिश की, जिस पर बाद में लेखक और पब्लिशर की सफाई आई।
  2. राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पर क्या करते दिखे?
    रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ एयरपोर्ट पर उनसे नरवणे के इंटरव्यू और विवादित दावों पर सवाल पूछे गए, लेकिन राहुल गांधी बिना जवाब दिए वहां से आगे बढ़ गए।
  3. जनरल नरवणे ने क्या कहा?
    रिपोर्ट के अनुसार, नरवणे ने इंटरव्यू में “भारत ने चीन को जमीन दी” जैसे दावों को गलत बताया और कहा कि ऐसी बातें तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं।
  4. पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने क्या स्पष्ट किया?
    प्रकाशक ने कहा कि उसके पास ‘Four Stars of Destiny’ के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं और किताब अभी तक किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं हुई है।
  5. BJP राहुल गांधी से माफी क्यों मांग रही है?
    BJP का आरोप है कि पब्लिशर और लेखक के बयान से स्पष्ट है कि राहुल ने गलत दावे किए और संसद व देश को गुमराह किया, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

PM बोले “भारत-इज़राइल का रिश्ता खास”, 25 फरवरी से 2 दिन की यात्रा

PM मोदी ने नेतन्याहू को “धन्यवाद, मेरे दोस्त” कहकर भारत-इज़राइल के विशेष...

जोधपुर डबल सुसाइड: शादी से कुछ घंटे पहले 25 और 23 साल की दो बहनें मृत

राजस्थान के जोधपुर के मनाई गांव में डबल शादी से पहले दो...

किश्तवाड़ मुठभेड़ में जैश कमांडर सैफुल्लाह ढेर: ऑपरेशन ‘त्राशी‑I’ में 3 आतंकी मारे गए

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में ऑपरेशन ‘त्राशी‑I’ के तहत जैश‑ए‑मोहम्मद के 3 आतंकी...