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अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली से नाराज चिकित्सकों ने दिया इस्तीफा

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धनबाद । धनबाद सदर अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली से नाराज चिकित्सकों ने इस्तीफा दे दिया।पिछले 7 वर्षों से कार्यरत डॉ. पीपी पांडेय और डॉ. राजेंद्र कुमार ने अस्पताल प्रबंधन को अपना इस्तीफा सौंपा हैं।बता दें कि दोनों डॉक्टर साल 2019 में डीएमएफटी फंड के तहत अस्पताल में बहाल हुए थे।
डॉ. पांडेय मेडिसिन विभाग में तैनात थे, जबकि डॉ. राजेंद्र कुमार शिशु रोग विभाग में सेवा दे रहे थे। डॉ. पांडेय ने बताया कि अस्पताल में काम कराने के नाम पर शोषण होता था। उन्हें रोज 6-8 घंटे लगातार बैठकर 100 से अधिक मरीजों को देखना पड़ता था, फिर भी वेतन के लिए कई बार 4-6 माह इंतजार करना पड़ता था। डॉ. राजेंद्र कुमार ने भी अस्पताल की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और कुछ दिन पहले से ही अस्पताल आना बंद कर दिया था।
सदर अस्पताल में 2019 में जिला प्रशासन ने डीएमएफटी फंड से 21 डॉक्टरों की नियुक्ति की थी, जिनमें से कई डॉक्टर धीरे-धीरे अस्पताल छोड़ चुके हैं। डॉ. पांडेय और डॉ. राजेंद्र के इस्तीफे से अन्य चिकित्सकों में भी मायूसी है। फिलहाल अस्पताल में सर्जन डॉ. संजीव गोलास, डॉ. मुकेश कुमार और अन्य डॉक्टर कार्यरत हैं, लेकिन कुछ अन्य डॉक्टरों के भी इस्तीफा देने की चर्चाएँ हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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