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आदिवासी ग्रामीणों ने जाहेर थान को बचाने के लिए बाघमारा सीओ से की संरक्षण की मांग

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भू – माफियाओं के खिलाफ की नारेबाजी, जताया विरोध

धनबाद । बाघमारा प्रखंड के बौआ कला उत्तर पंचायत अंतर्गत आदिवासी ग्राम काड़ामारा के ग्रामीणों ने आठ लेन सड़क किनारे स्थित जाहेर थान को बचाने के लिए बाघमारा सीओ गिरिजानंद किस्कू से संरक्षण की मांग की।साथ ही मंगलवार को जाहेर थान में भारी संख्या में एकजुट होकर ग्रामीणों ने भू – माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से जाहेर थान की जमीन की खरीद बिक्री करने का प्रयास किये जाने पर विरोध जताया।ग्रामीणों का कहना हैं कि पूर्वजों से जाहेर थान अवस्थित हैं।जहां आदिवासी ग्राम के लोग सैकड़ों वर्षों से पूजा पाठ करते आ रहें हैं।विरोध प्रदर्शन के दौरान बाघमारा अंचल अधिकारी गिरिजानंद किस्कू एवं सीआई कुमार चंदन भी पहुंचे।उन्होंने ग्रामीणों की बातों को सुना एवं जाहेर थान की जमीन का निरीक्षण भी किया।जानकारी के अनुसार जाहेर थान की जमीन पूर्व में भी ग़ैराबाद थी और अभी भी ग़ैराबाद हैं।यह जमीन बौआ कला मौजा क्षेत्र की हैं।लेकिन, भू – माफिया अवैध रूप से कागजात तैयार कर जमीन की खरीद बिक्री करने के प्रयास में हैं।


बाघमारा सीओ ने आदिवासी ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर जाहेर थान पूर्व में चिन्हित हैं तो ग्रामीणों की मांग पर उक्त स्थल को संरक्षित किया जायेगा।ग्रामीणों की मांग हैं कि जा हेर थान की घेराबंदी हो एवं भू – माफियाओं से इस स्थल को बचाया जाये।चूंकि, यह आदिवासी समुदाय के आस्था से जुड़ा हुआ हैं और किसी भी समुदाय के आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।मौके पर मुखिया भीम लाल रजक, पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मीनारायण रजक उर्फ शंकर रजक, झामुमो नेता रतिलाल टुडू, पूर्व मुखिया नरेश महतो, देवनारायण महतो, मुखिया प्रतिनिधि मनसाराम मुर्मू एवं अन्य पहुंचे।इन्होंने भी बाघमारा सीओ को जाहेर थान स्थल से अवगत कराया एवं ग्रामीणों की मांग पर पहल करने की बात कही।वहीं ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी भी दिया कि अगर उनके धार्मिक स्थल से छेड़छाड़ किया जायेगा तो भू – माफियाओं के साथ आपसी टकराव भी हो सकता हैं।जिसके जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन एवं विभागीय पदाधिकारी होंगे।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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