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तेन्दुए की अफवाह से ग्रामीणों में दहशत

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लखनऊ । रायबरेली में राजधानी लखनऊ, अमेठी और बाराबंकी की सीमा पर स्थित बछरावां थाना इलाके के तमनपुर गांव में पिछले बारह घंटे से तेन्दुए की अफवाह ने लोगों का चैन छीन लिया है। पुलिस और वन विभाग इलाके में कॉम्बिग कर रही है, जबकि ग्रामीण दहशत के चलते सो नहीं रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां कुछ ग्रामीणों ने दिन के समय एक निजी स्कूल के पीछे किसी जानवर के पदचिन्ह देखे थे। इसी पद चिन्ह को आधार बनाकर पूरे क्षेत्र में तेन्दुए की अफवाह फैल गई। मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया तो जिलाधिकारी ने वन विभाग को एहतियात बरते जाने के निर्देश दिये हैं। वन विभाग की टीम इलाके में पुलिस और ग्रामीणों के साथ मिलकर कॉबिंग कर रही है। उधर क्षेत्रीय वन अधिकारी ने फिलहाल तेन्दुए की मौजूदगी को लेकर किसी भी प्रकार के चिन्ह पाये जाने की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर विभाग की टीम को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि बरसात में अक्सर सियार भी बस्ती में आ जाते हैं, जिनके तेन्दुआ होने का भ्रम होता है। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं, एहतियात के तौर पर टीम को लगाया गया है।फिलहाल इलाके में तेन्दुए के कोई चिन्ह नहीं मिले हैं। उधर सोशल मीडिया पर कुछ पद चिन्ह वायरल हो रहे हैं, जिन्हें तमनपुर इलाके का बताया जा रहा है।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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