Home दुनिया चीनी प्रोफेशनल्स को 1 महीने में वीजा: भारत की नई नीति से मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट?
दुनिया

चीनी प्रोफेशनल्स को 1 महीने में वीजा: भारत की नई नीति से मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट?

Share
Chinese Techies Get 1-Month Visas: India's Policy U-Turn Saves Billions in Output Loss
Share

भारत ने चीनी बिजनेस वीजा प्रोसेसिंग 1 महीने में कर दी आसान। बीजिंग ने सराहा। ट्रंप टैरिफ, मैन्युफैक्चरिंग जरूरतों से नीति बदलाव। प्रभाव, आंकड़े और चुनौतियां।

ट्रंप टैरिफ के बीच भारत-चीन रिश्ते गर्म: वीजा आसान, लेकिन सावधानी बरत रहा दिल्ली!

भारत-चीन रिश्तों में सतर्क गर्माहट: चीनी बिजनेस वीजा तेज, बीजिंग ने कहा ‘सकारात्मक कदम’

दोस्तों, भारत और चीन के बीच सालों पुराना तनाव अब थोड़ा ढील दे रहा लगता है। नई दिल्ली ने चीनी प्रोफेशनल्स के लिए बिजनेस वीजा प्रोसेसिंग को एक महीने से कम कर दिया। बीजिंग ने इसे ‘सकारात्मक कदम’ बताया। विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन गुओ जियाकुन बोले – दोनों देशों के हित में, आदान-प्रदान बढ़ेगा। ये बदलाव ट्रंप के 50% टैरिफ और रूसी तेल खरीद पर पेनल्टी के बीच आया। मैन्युफैक्चरिंग को चीनी टेक्नीशियन की जरूरत – मोबाइल, सोलर, कंपोनेंट्स में बिलियन डॉलर का नुकसान हो चुका। क्या ये स्मार्ट मूव है या बॉर्डर रिस्क?

2020 गलवान झड़प के बाद भारत ने चाइनीज ऐप्स बैन, इनवेस्टमेंट स्क्रूटनी बढ़ाई। वीजा महीनों लगते। अब मोदी सरकार ने राजीव गौबा की कमिटी से सुझाव पर रिवर्स गियर। इंडस्ट्री ग्रुप्स खुश – ICEA चेयरमैन पंकज मोहिंदरू बोले, मैन्युफैक्चरिंग बेस बढ़ेगा। डायरेक्ट फ्लाइट्स रिज्यूम, मोदी की चाइना विजिट के बाद सिग्नल। लेकिन सीनियर ऑफिशियल बोले – सावधानी बरतेंगे।

वीजा नीति बदलाव: क्या बदला और क्यों?
पहले सिक्योरिटी मिनिस्ट्रीज से लंबी जांच। अब 1 महीने में क्लियर। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स को स्पेशल मशीन इंस्टॉल करने वाले चाइनीज एक्सपर्ट्स की कमी। 4 साल में बिलियन डॉलर लॉस। PLI स्कीम को बूस्ट – मोबाइल फोन, सोलर इक्विपमेंट। गवर्नमेंट सोर्स: इकोनॉमिक जरूरत और जियोपॉलिटिकल रीबैलेंस। ट्रंप टैरिफ से एक्सपोर्ट हिट, रूस से एनर्जी टाई-अप मजबूत।

5 FAQs

  1. भारत ने चीनी वीजा क्यों तेज किया?
    मैन्युफैक्चरिंग लॉस रोकने, ट्रंप टैरिफ प्रेशर।
  2. प्रोसेसिंग टाइम अब कितना?
    1 महीने से कम।
  3. कौन से सेक्टर फायदे में?
    इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर, मोबाइल।
  4. बीजिंग का रिएक्शन?
    ‘सकारात्मक कदम’, कम्युनिकेशन जारी रखेंगे।
  5. रिस्क क्या?
    LAC सिक्योरिटी, लेकिन सावधानी बरत रही गवर्नमेंट।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

AI Impact Summit 2026: लुला, मैक्रों और मोदी की तिकड़ी क्या नया ग्लोबल टेक गठजोड़ बनाएगी?

ब्राज़ील राष्ट्रपति लुला 18–22 फरवरी को भारत दौरे पर रहेंगे, 2nd AI...

अमेरिका अब भारत को कोयला बेचेगा ढेर सारा? ट्रंप ने क्यों कहा ये डील हिस्टोरिक है

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-US ट्रेड डील को हिस्टोरिक बताया, कहा इससे...

क्या ट्रंप सच बोल रहे? ऑपरेशन सिंदूर में 10 जेट गिराने का दावा क्यों बदलता रहता है?

ट्रंप ने फॉक्स इंटरव्यू में भारत-पाक संघर्ष में 10 प्लेन गिरने का...