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वित्त मंत्रालय ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को डिजिटल भुगतान पुरस्कार से किया सम्मानित

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नई दिल्ली : संचार मंत्रालय के डाक विभाग के तहत 100 फीसदी भारत सरकार के स्वामित्व वाली इकाई इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीबीबी) को देश भर में डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के विस्तार में वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के लिए अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित डिजिटल भुगतान पुरस्कार 2024-25 से सम्मानित किया गया है।

यह पुरस्कार केंद्रीय वित्त एवं कंपनी कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण और पंकज चौधरी , राज्य मंत्री (वित्त) द्वारा प्रदान किया गया। नई दिल्ली में एक समारोह का आयोजन पीबी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आर. विश्वेश्वरन और टेलीकॉमपीबी के सीजीएम एवं सीएसओआईपीओ गुरुशरण राय बैसाख ने प्राप्त किया।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी ) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत में डिस्प्ले स्टोर्स में पहला स्थान प्राप्त किया और वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ‘विशेष उल्लेखनीय’ पुरस्कार प्राप्त किया। यह रेलवे नेटवर्क की मजबूत संरचना और उद्देश्यपूर्ण समावेशी , प्रौद्योगिकी-आधारित , नागरिक-इंटरनेट नेटवर्क समाधान प्रदान करने की इसकी विस्तारित सीमा को दर्शाता है।

इन्वेस्टमेंट को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने के लक्ष्य से स्थापित किया गया , टेलीकॉमपीबी भारत में डिजिटल फाइनेंस के लिए सबसे बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट से एक के रूप में सामने आया है , जो मेल विभाग के नेटवर्क की पहुंच का लाभ उठाता है। एक मजबूत तकनीक-संचालन और वास्तुकला 2 लाख से अधिक डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा संचालित डोरस्टेप मॉनिटरिंग मॉडल के साथ , दूरसंचारपीबी देश के सबसे बड़े निजीकरण में भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के एमडी एवं सीईओ आर. विश्वेश्वरन ने कहा :

” यह पुरस्कार डिजिटल वित्तीय सेवाओं को आसान , समावेशी और विश्वसनीय बनाने में सक्षम बनाता है। हम इसे प्रमाणित करते हैं और प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए नवीन और सुरक्षित डिजिटल डिजिटल समाधानों के माध्यम से इसे बनाए रखना सुनिश्चित करते हैं।”

यह मुख्य रूप से शहर-ग्रामीण इंटरनैशनल को कम करने के लिए शहर-ग्रामीण इंटरनैशनल के मिशन में शामिल करता है और इसकी भूमिका की पुष्टि करता है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी ) का स्थापना डाक विभाग , संचार मंत्रालय के अधीन है , जिसका स्वामित्व 100 प्रतिशत शेयरधारक भारत सरकार के पास है। सर्विस पीबी की शुरुआत 1 सितंबर , 2018 को हुई थी। भारत में बैंक की स्थापना आम आदमी के लिए सबसे आसान , बैंक बनाने का उद्देश्य बताया गया है। इंडिया पोस्ट्स बैंक का मूल उद्देश्य डाटाबेस से लेकर कम डाटाबेस तक के नेटवर्क को दूर करना और डाक का लाभ उठाना है , जिसमें ~1,65,000 डाक (ग्रामीण क्षेत्रों में ~140,000) और ~3,00,000 डाक कर्मचारी शामिल हैं।

टेलीकॉमपीबी की पहुंच और आईएस ऑपरेशन मॉडल इंडिया साइकोलॉजी के प्रमुख स्तंभों पर आधारित है- सीबीएस-एकीकृतटेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी के माध्यम से उद्यम के दरवाजे पर सरल और सुरक्षित तरीकों से पेपरलेस , कैशलेस और उपस्थिति-संबंधी उपकरणों को सक्षम करना। इनोवेशन का लाभ पोर्टफोलियो और डिजिटल टूल्स के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से अधिक ध्यान केंद्रित किया जाता है , 5.57 लाख डॉलर के दायरे में 11 करोड़ वर्चुअल बिजनेस के लिए टेलीकॉम पीबी भारत के 5.57 लाख में 11 करोड़ वर्चुअल बिजनेस उपलब्ध हैं ।

नेटवर्क पीबी कम डिमांड वाली इंडस्ट्री को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के विजन में योगदान देने के लिए जरूरी है। भारत तब समृद्ध होगा जब हर नागरिक को वित्तीय रूप से सुरक्षित और मजबूत बनाया जाएगा। हमारा आदर्श वाक्य सत्य है – हर ग्राहक महत्वपूर्ण है , हर लेन-देन महत्वपूर्ण है और हर जमा मूल्यवान है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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