Home देश क्या बैंक से खुद कटेंगे चालान पैसे? तेलंगाना CM का सख्त प्लान, HYDRA पर भी KTR का तंज
देशतेलंगाना

क्या बैंक से खुद कटेंगे चालान पैसे? तेलंगाना CM का सख्त प्लान, HYDRA पर भी KTR का तंज

Share
Telangana traffic challan auto debit
Share

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने ट्रैफिक चालान पर ऑटो-डेबिट सिस्टम का प्रस्ताव दिया। ड्रंक ड्राइविंग पर जीरो छूट, वाहन रजिस्ट्रेशन से बैंक लिंक। बीजेपी ने प्राइवेसी हाइपोक्रिसी बताया। KTR ने HYDRA पर सवाल उठाए।

ड्रंक ड्राइविंग पर जीरो छूट: तेलंगाना में ऑटो डेबिट सिस्टम लाने का ऐलान, विपक्ष भड़का

तेलंगाना CM का ट्रैफिक चालान पर ऑटो-डेबिट प्लान: बीजेपी ने बताया कांग्रेस का पाखंड

तेलंगाना के मुख्यमंत्री एके रेवंत रेड्डी ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ड्रंक ड्राइविंग और रैश ड्राइविंग के चालानों पर अब कोई डिस्काउंट या छूट नहीं मिलेगी। सबसे बड़ा प्रस्ताव ये कि वाहनों को खरीदते समय ही मालिक के बैंक खाते से लिंक किया जाए, ताकि चालान कटते ही पैसे ऑटोमैटिक कट जाएं। रेवंत ने पुलिस को साफ निर्देश दिया कि साल के अंत में चालान माफ करने की पुरानी प्रथा बंद हो। लोगों को लगता है कि बाद में डिस्काउंट मिलेगा, इसलिए लापरवाही बरतते हैं।​

ये बात रोड सेफ्टी कैंपेन ‘अराइव अलाइव’ लॉन्च के दौरान कही गई। रेवंत बोले, ‘ट्रैफिक कंट्रोल अब लॉ एंड ऑर्डर से भी बड़ा चैलेंज है। डीजीपी लेवल पर स्पेशल अटेंशन चाहिए।’ उन्होंने नाबालिगों को वाहन चलाने वालों के माता-पिता पर केस दर्ज करने को कहा। दुर्घटना रोकने के लिए सख्ती जरूरी। देश में हर मिनट एक एक्सीडेंट, हर तीन मिनट में जान जाती है। ये ‘अवॉइडेबल डेथ्स’ हैं। सेंटर और स्टेट दोनों मानते हैं कि स्कूल लेवल से अवेयरनेस शुरू हो।​

ऑटो-डेबिट सिस्टम कैसे काम करेगा? वाहन रजिस्ट्रेशन के समय बैंक डिटेल्स लें। पुलिस डिपार्टमेंट से सिंक करें। चालान होते ही पैसे कट जाएं। कोई एक पैसे की छूट नहीं। रेवंत ने कहा, ‘टेक्नोलॉजी यूज करें। गूगल के साथ एमओयू साइन हो चुका है ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए। सीसीटीवी को कमांड सेंटर से जोड़ें। ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम मजबूत करें।’ साइबर क्राइम, काउंटर इंटेलिजेंस, ईगल फोर्स, हाइड्रा की तरह ट्रैफिक के लिए डेडिकेटेड सिस्टम बनाएं।​

बीजेपी ने तीखा हमला बोला। प्रदेश चीफ रमचंदर राव ने कहा, ‘कांग्रेस का प्राइवेसी राइट्स पर पाखंड खुल गया।’ रेवंत जब पीसीसी चीफ थे, तो 50 पर्सेंट चालान माफी का वादा किया था। अब सत्ता में आकर उल्टा सख्ती। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए- बिना कोर्ट नोटिस या सुनवाई के बैंक से पैसे काटना कानूनी है? प्राइवेसी का उल्लंघन? कंस्टीट्यूशनल राइट्स? एथिकल इश्यू?​

बीआरएस वर्किंग प्रेसिडेंट केटी रामाराव (केटीआर) ने भी निशाना साधा। हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड असेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) ड्राइव पर तंज। बोले, गरीबों के घर तोड़ रहे हो, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेताओं के अवैध निर्माण बचा रहे। पटनम महेंद्र रेड्डी, केवीपी रामचंद्र राव, विवेक वेंकट स्वामी, पोंगुलेति श्रीनिवास रेड्डी जैसे नेताओं के बिल्डिंग्स पहले तोड़ो। बीआरएस टिकट पर जीतकर कांग्रेस जॉइन करने वाले विधायकों को भी ललकारा। सत्ता स्थायी नहीं।

ट्रैफिक सुधार के अन्य कदम

  • नाबालिग ड्राइविंग पर पैरेंट्स के खिलाफ केस।
  • ड्रंक ड्राइविंग पर स्ट्रिक्ट एक्शन, जीरो टॉलरेंस।
  • ट्रांसपोर्ट सिस्टम ओवरहॉल।
  • स्टूडेंट्स में रोड सेफ्टी अवेयरनेस।
  • न्यू लॉ अगर जरूरी।

तेलंगाना के रोड सेफ्टी आंकड़े

समस्याआंकड़ा
देश में एक्सीडेंटहर मिनट 1
मौतेंहर 3 मिनट 1
ड्रंक ड्राइविंगप्रमुख कारण
रैश ड्राइविंगचालान बढ़े

राजनीतिक रिएक्शन्स

  • बीजेपी: प्राइवेसी हाइपोक्रिसी, पुराना वादा भूला।
  • बीआरएस: हाइड्रा पर सिलेक्टिव डेमोलिशन।
  • कांग्रेस: ट्रैफिक अब टॉप प्रायोरिटी।​

पुलिस की तारीफ
रेवंत ने पुलिस को सराहा। साइबर क्राइम रोकने में नंबर 1। ईगल फोर्स ड्रग्स पर कामयाब। हाइड्रा जल-झीलों की रक्षा। ट्रैफिक के लिए भी ऐसा सिस्टम। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पोननम प्रभाकर, डीजीपी बी शिवदर रेड्डी, सिटी पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार मौजूद।

प्राइवेसी चिंताएं

  • बैंक लिंकिंग बिना सहमति?
  • गलत चालान पर रिफंड कैसे?
  • ड्राइवर न होने पर मालिक पर बोझ।
  • कोर्ट ऑर्डर जरूरी?

हाइड्रा विवाद
केटीआर ने चार कांग्रेसी नेताओं के नाम लिए। गरीबों के घर पहले टारगेट। पावर टेम्पररी। बीआरएस टिकट वाले ट्रेटर्स पर तंज।

अन्य राज्य मॉडल
कई शहरों में ई-चालान हैं, लेकिन ऑटो-डेबिट नया। कर्नाटक, दिल्ली में डिस्काउंट स्कीम्स। तेलंगाना पहला?

लोगों की राय
सोशल मीडिया पर मिक्स्ड। सेफ्टी समर्थक, प्राइवेसी वाले खिलाफ। रोड रेज कम होगा?​

रेवंत का विजन
ट्रैफिक अब लॉ एंड ऑर्डर जैसा। टेक्नोलॉजी, अवेयरनेस, स्ट्रिक्ट लॉ। एक्सीडेंट रोकना प्रायोरिटी। सफल हो तो मॉडल बनेगा। लेकिन विपक्षी सवालों का जवाब देना होगा।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. ऑटो-डेबिट सिस्टम क्या है?
    वाहन रजिस्ट्रेशन पर बैंक लिंक। चालान पर पैसे खुद कट जाएं। कोई डिस्काउंट नहीं।
  2. ड्रंक ड्राइविंग पर क्या सख्ती?
    जीरो वेवर, स्ट्रिक्ट एक्शन। पुलिस कंट्रोल करे।
  3. बीजेपी ने क्यों कहा हाइपोक्रिसी?
    पीसीसी चीफ रहते 50% माफी वादा किया था। अब सख्ती।
  4. हाइड्रा पर केटीआर का आरोप?
    गरीब घर तोड़ो, कांग्रेसी नेताओं के अवैध निर्माण बचाओ।
  5. रोड सेफ्टी कैंपेन कब शुरू?
    अराइव अलाइव, स्कूलों से अवेयरनेस। गूगल एमओयू।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच आर्मी चीफ का ऐलान: सेना की हरकतें हमारी तरफ नहीं, लेकिन नजर रखे हुए!

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा- बांग्लादेश सेना के कदम भारत...

कोयला खदान धंसने से हड़कंप: आसनसोल में मजदूरों की जान खतरे में, क्या है पूरा मामला?

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बीसीसीएल की ओपन-कास्ट कोयला खदान धंस गई।...

जम्मू कठुआ गोलीबारी: जैश का टॉप कमांडर फंस गया, क्या होगा अब अगला कदम?

जम्मू-कश्मीर के कठुआ बिलावर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर। जैश-ए-मोहम्मद का...

क्या आरएसएस ने ब्रिटिश के खिलाफ लड़ाई लड़ी? ओवैसी ने क्यों उठाया खलीफत मूवमेंट का सवाल?

AIMIM चीफ ओवैसी ने छत्रपति संभाजीनगर रैली में आरएसएस के आजादी संग्राम...