West Facing House Vastu: मुख्य द्वार, किचन, बेडरूम, बाथरूम का सही प्लान। फायदे, दोष, उपाय। धन-स्वास्थ्य-सफलता के लिए बेस्ट लेआउट, गलतियां दूर करें!
श्चिम मुखी घर वास्तु शास्त्र: सही प्लान से धन-कीर्ति, गलत से हानि
पश्चिम मुखी घर सिर्फ भवन नहीं, ऊर्जा का संग्रहालय। वास्तु शास्त्र में पश्चिम शनि की दिशा – स्थिरता, प्रसिद्धि, व्यवसाय देती। लेकिन गलत प्लानिंग से वित्तीय हानि, स्वास्थ्य समस्या। पूर्व-उत्तर ही शुभ नहीं, पश्चिम मुखी भी धन-यश दे सकता अगर सही बनाया जाए। ये गाइड मुख्य द्वार से किचन तक पूरा प्लान बताएगी।
पश्चिम मुखी घर के वास्तु फायदे
शनि का प्रभाव: लीडरशिप, सोशल रिकग्निशन। राजनीति, शिक्षण, बिजनेस वालों के लिए बेस्ट। शाम को सूर्य की गर्माहट – तनाव कम, इमोशनल बैलेंस। बच्चों के लिए ग्रोथ एनर्जी। वित्तीय स्थिरता, लॉन्ग टर्म सक्सेस। सही प्लान से पूर्व-उत्तर से कम नहीं।
मुख्य द्वार: पश्चिम मुखी घर का पहला नियम
पश्चिम दिशा को 9 पदार्थों में बांटें (उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पश्चिम)। मुख्य द्वार 3,4,5,6 पदा में शुभ। सुग्रीव, पुष्पदंत पदा बेस्ट। नॉर्थवेस्ट या मिडिल वेस्ट में दरवाजा। साउथवेस्ट कोने अवॉइड – अस्थिरता लाएगा। द्वार साफ, स्वास्तिक चिन्ह लगाएं।
उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में रखें। मुख्य द्वार के पास हो तो अच्छा। ब्राइट, क्लटर फ्री, वेंटिलेशन। सोफा दक्षिण-पश्चिम की ओर। टीवी उत्तर-पूर्व में न लगाएं।
मास्टर बेडरूम: स्थिरता का आधार
दक्षिण-पश्चिम कोना बेस्ट। ऊपरी मंजिल पर हो तो रिश्ते मजबूत। सिर दक्षिण या पूर्व की ओर। आईना उत्तर दीवार पर न लगाएं।
दक्षिण-पूर्व आदर्श (अग्नि कोना)। कुक ईस्ट फेस करे। सिंक उत्तर स्लैब पर। नॉर्थवेस्ट भी चलेगा। दक्षिण-पश्चिम में कभी न बनाएं – स्वास्थ्य-धन हानि।
उत्तर-पूर्व बेस्ट। पूर्व या उत्तर भी शुभ। बाथरूम के पास न हो। मूर्तियां पूर्वमुखी।
बाथरूम-टॉयलेट: नकारात्मक ऊर्जा
उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व शुभ। अच्छी वेंटिलेशन। स्वच्छता जरूरी।
पश्चिम मुखी घर वास्तु लेआउट टेबल
| कमरा | शुभ दिशा | वर्जित दिशा | टिप्स |
|---|---|---|---|
| मुख्य द्वार | 3-6 पदा पश्चिम | साउथवेस्ट कोना | स्वास्तिक चिन्ह |
| लिविंग रूम | उत्तर-पूर्व/उत्तर-पश्चिम | दक्षिण-पूर्व | ब्राइट लाइटिंग |
| मास्टर बेडरूम | दक्षिण-पश्चिम | उत्तर-पूर्व | सिर दक्षिण/पूर्व |
| किचन | दक्षिण-पूर्व | दक्षिण-पश्चिम | कुक ईस्ट फेस |
| पूजा घर | उत्तर-पूर्व | बाथरूम पास | पूर्वमुखी मूर्ति |
| बाथरूम | उत्तर-पश्चिम | केंद्र | वेंटिलेशन जरूरी |
| स्टडी रूम | उत्तर/पूर्व | दक्षिण | ईस्ट फेसिंग डेस्क |
- मुख्य द्वार 7-9 पदा: वित्तीय हानि।
- किचन दक्षिण-पश्चिम: स्वास्थ्य समस्या।
- बेडरूम उत्तर-पूर्व: मानसिक अशांति।
- पतला साउथवेस्ट वॉल: अस्थिरता।
- बोरवेल साउथवेस्ट: धन नाली।
- पूजा किचन के नीचे: नकारात्मकता।
- सीढ़ी एंटीक्लॉकवाइज: ऊर्जा ब्लॉक।
- साउथवेस्ट एंट्रेंस: नीलम, अर्थ क्रिस्टल।
- टी जंक्शन: तांबे पिरामिड।
- वेस्ट स्लोप: वास्तु विंड चाइम।
- एक्सटेंडेड वेस्ट: पार्टिशन स्ट्रिप्स।
- रूफ वेस्ट: तांबा एरो।
- मुख्य द्वार: मिडिल वेस्ट।
- लिविंग: नॉर्थवेस्ट।
- किचन: साउथईस्ट।
- मास्टर BR: साउथवेस्ट।
- बाथरूम: नॉर्थवेस्ट।
- पूजा: नॉर्थईस्ट।
- साउथवेस्ट वॉल मोटी।
- नॉर्थ स्लोप प्लॉट।
- नो टी-जंक्शन।
- क्रिस्टल, यंत्र लगाएं।
- एक्सपर्ट से प्लान चेक।
स्थिरता, प्रसिद्धि, बिजनेस ग्रोथ। सही प्लान से पूर्व से बेहतर। शनि कृपा से सफलता।
5 FAQs
1. पश्चिम मुखी घर शुभ है?
हां, सही प्लान से धन-कीर्ति।
2. मुख्य द्वार कहां?
3-6 पदा पश्चिम।
3. किचन किधर?
दक्षिण-पूर्व बेस्ट।
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