धनबाद । वासेपुर के गैंगस्टर फहीम खान की रिहाई को लेकर मामला चर्चाओं में हैं।झारखंड सरकार ने रिहाई के आदेश को चुनौती दी हैं और सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई हैं।
झारखंड हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को फहीम खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को छः सप्ताह के भीतर फहीम खान को जेल से रिहा करने का आदेश दिया था।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि फहीम खान के सजा मामले में छूट देने के लिए 2007 की नीति नहीं बल्कि 1984 की नीति लागू होनी चाहिए।
चूंकि,समय सीमा खत्म होने के बावजूद सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।जिसको लेकर फहीम खान के वकील अदालत की अवमानना का मामला दर्ज करने की तैयारी में थे।जबकि सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर दी है।
फहीम खान जमशेदपुर की घाघीडीह जेल में बंद हैं और वासेपुर के सगीर हसन सिद्दीकी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। मामला 10 मई 1989 का हैं,जब सगीर हसन सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
16 साल से अधिक समय से जेल में बंद फहीम खान कुछ समय पहले इलाज के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के बंदी वार्ड में भर्ती थे,जहां से एक महीने पहले ही उन्हें फिर से घाघीडीह जेल भेजा गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही तय होगा कि वासेपुर के गैंगस्टर फहीम खान को आजादी मिलेगी या जेल की सलाखों के पीछे ही रहना पड़ेगा।
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