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एप्स्टीन फाइल्स विवाद: सरकारी आंतरिक जांच में हरदीप सिंह पुरी को क्लीन चिट

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Epstein Files Hardeep Singh Puri
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एप्स्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद केंद्र सरकार की आंतरिक जांच में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ कोई गलत या आपराधिक सबूत नहीं मिला। पुरी ने कहा कि उनकी एप्स्टीन से मुलाकातें सीमित और सिर्फ पेशेवर काम तक ही थीं।

“कुछ पेशेवर मुलाकातें, बस इतना ही” – एप्स्टीन से लिंक पर पुरी की सफाई, सरकार ने केस बंद किया

एप्स्टीन फाइल्स विवाद में हरदीप सिंह पुरी को सरकार की आंतरिक जांच से क्लीन चिट

अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े तथाकथित “Epstein Files” में नाम सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मामले की आंतरिक जांच की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस समीक्षा में पुरी के खिलाफ किसी भी तरह के गलत कार्य या आपराधिक संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं।

CNN-News18 के हवाले से सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे को आंतरिक स्तर पर विस्तार से परखा गया और जांच प्रक्रिया के दौरान पुरी का पक्ष भी विस्तार से दर्ज किया गया। प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर सरकार इस नतीजे पर पहुँची कि मंत्री के खिलाफ कोई आपत्तिजनक या आपराधिक जुड़ाव सामने नहीं आया है, इसलिए फिलहाल आधिकारिक स्तर पर मामला बंद कर दिया गया है।

एप्स्टीन फाइल्स क्या हैं?

“Epstein Files” दरअसल उन हजारों पन्नों के दस्तावेजों का संग्रह है जो जेफ्री एप्स्टीन और उनकी सहयोगी गिसलेन मैक्सवेल के खिलाफ सेक्स ट्रैफिकिंग की आपराधिक जांच से जुड़े हैं। इन दस्तावेज़ों में फ्लाइट लॉग, ईमेल, कॉरस्पॉन्डेंस और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं, जिन्हें 2019 में कस्टडी में एप्स्टीन की मौत के बाद सार्वजनिक किए जाने पर वैश्विक स्तर पर खासा ध्यान मिला।

इन्हीं सार्वजनिक दस्तावेज़ों में हरदीप सिंह पुरी का नाम भी दर्ज है, लेकिन संदर्भ मुख्यतः उनके पुराने राजनयिक कार्यकाल और न्यूयॉर्क स्थित International Peace Institute (IPI) से जुड़े कामकाज के दौरान हुई मुलाकातों और पत्राचार तक सीमित बताए गए हैं।

पुरी की सफाई:

विवाद सामने आने के बाद हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी एप्स्टीन से मुलाकातें “सीमित और पेशेवर प्रकृति” की थीं। उन्होंने कहा कि वे एप्स्टीन से “कुछ मौकों” पर मिले और यह इंटरैक्शन मल्टीलेटरल और संस्थागत काम से जुड़े पेशेवर मीटिंग्स और ईमेल तक सीमित था।

पुरी का कहना है कि इन संपर्कों का उन अपराधों से कोई संबंध नहीं था जिनके लिए एप्स्टीन की जांच हुई और बाद में उन्हें दोषी ठहराया गया। उन्होंने अपने ऊपर लगे किसी भी तरह के आपराधिक लिंक के संकेत को सिरे से खारिज किया और कहा कि उनका कार्य पूरी तरह आधिकारिक और संस्थागत दायरे में था।

सरकार की आंतरिक समीक्षा: प्रक्रिया और नतीजा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही एप्स्टीन फाइल्स में पुरी का नाम सार्वजनिक बहस का हिस्सा बना, सरकार ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आंतरिक स्तर पर तथ्यात्मक समीक्षा कराई। इस दौरान उपलब्ध दस्तावेज़ों, रिकॉर्ड्स और मंत्री की विस्तृत व्याख्या को देखा गया।

समीक्षा के आधार पर यह पाया गया कि
– दस्तावेज़ों में दर्ज रेफरेंस अधिकतर पुराने राजनयिक कार्यकाल और IPI से जुड़े औपचारिक इंटरैक्शन हैं।
– कोई ऐसा संकेत नहीं मिला कि पुरी किसी सेक्स ट्रैफिकिंग या संबंधित आपराधिक गतिविधि से जुड़ी किसी योजना, बैठक या फैसले में शामिल थे।
– मंत्री ने भी अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्हें एप्स्टीन के आपराधिक नेटवर्क की जानकारी या उसमें कोई भागीदारी नहीं थी।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि इन सभी बिंदुओं को देखते हुए फिलहाल सरकार इस मामले को बंद मान रही है और किसी अतिरिक्त कार्रवाई की ज़रूरत नहीं समझती।

राजनीतिक और सार्वजनिक परिप्रेक्ष्य

एप्स्टीन फाइल्स दुनिया भर के कई राजनेताओं, बिजनेस लीडर्स और पब्लिक फिगर्स के नाम सामने आने के कारण लगातार सुर्खियों में रहे हैं। ऐसे में किसी भी भारतीय मंत्री का नाम दस्तावेज़ों में दिखने पर स्वाभाविक तौर पर सवाल उठे।

हालाँकि, वर्तमान आंतरिक समीक्षा के बाद सरकार का स्टैंड यह है कि केवल नाम आने भर से गलत काम या संलिप्तता साबित नहीं हो जाती, और उपलब्ध सबूतों के आधार पर पुरी के खिलाफ कोई केस नहीं बनता।

5 FAQs

  1. हरदीप सिंह पुरी का नाम एप्स्टीन फाइल्स में कैसे आया?
    दस्तावेज़ों में उनका नाम मुख्यतः उनके पुराने राजनयिक कार्यकाल और न्यूयॉर्क स्थित International Peace Institute से जुड़े पेशेवर इंटरैक्शन के संदर्भ में दर्ज है।
  2. सरकार ने क्या जांच की?
    केंद्र सरकार ने आंतरिक स्तर पर समीक्षा की, पुरी का विस्तृत पक्ष दर्ज किया और उपलब्ध दस्तावेज़ों की जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि कोई आपराधिक या आपत्तिजनक जुड़ाव नहीं मिला।
  3. पुरी ने अपने बचाव में क्या कहा?
    उन्होंने कहा कि उनकी एप्स्टीन से मुलाकातें बहुत सीमित और पूरी तरह पेशेवर थीं, जिनका एप्स्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग अपराधों से कोई संबंध नहीं था।
  4. क्या सरकार ने मामला बंद कर दिया है?
    हाँ, सरकारी सूत्रों के अनुसार आंतरिक समीक्षा के बाद फिलहाल इस मामले को आधिकारिक स्तर पर बंद माना गया है और कोई गलत काम सामने नहीं आया है।
  5. एप्स्टीन फाइल्स क्या हैं?
    ये जेफ्री एप्स्टीन और गिसलेन मैक्सवेल के खिलाफ सेक्स ट्रैफिकिंग जांच से जुड़े हजारों पन्नों के कोर्ट और जांच दस्तावेज़ हैं, जिनमें फ्लाइट लॉग, ईमेल और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं और जिनमें कई वैश्विक हस्तियों के नाम दर्ज हैं।

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