रांची । जैक द्वारा प्रदान की गई आलिम एवं फाजिल डिग्री जो स्नातक एवं स्नातकोत्तर के समकक्ष है,उसकी वैधानिक मान्यता देने की मांग को लेकर झारखंड छात्र संघ एवं ऑल झारखंड मदरसा स्टूडेंट यूनियन ने शिक्षा सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा निर्देशक को मांग पत्र सौंपा।
झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने बताया कि झारखंड राज्य गठ़न के बाद झारखंड सरकार के निर्देश पर वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2023 तक झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आलिम एवं फाजिल डिग्री प्रदान कि जा रही है। जो स्नातक एवं स्नातकोत्तर के समकक्ष है।
ज्ञात हो कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने इसे बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत अधिग्रहित कर वर्ष 2006 में अधिसूचित किया है, इससे पूर्व बिहार सरकार के कार्मिक विभाग ने विशेषज्ञ द्वारा विश्विद्यालय के अनुरूप पाठयक्रम तैयार कर आलिम एवं फाजिल डिग्री को स्नातक एवं स्नातकोत्तर के समकक्ष माना है और वर्ष 1977 में अधिसूचित किया है।
झारखंड में जैक द्वारा प्रदान कि गई आलिम एवं फाज़िल डिग्री से सैकड़ों अभ्यर्थी सरकारी सेवा में कार्यरत है।
लेकिन वर्तमान में आलिम एवं फाज़िल डिग्री की वैधानिकता को लेकर सरकार के विभागों द्वारा सवाल खड़े किए जाते है। साथ ही उच्च शिक्षा, सरकारी नौकर और रोजगार के अवसर से वंचित किया जा रहा है,जो कही से भी न्यायसंगत नहीं है।
इस पर विचार करते हुए जैक द्वारा वर्ष 2003 से 2023 तक दी गई आलिम एवं फाजिल डिग्री जो समकक्ष है,स्नातक एवं स्नातकोत्तर का उसे पुना: झारखंड क्रामिक विभाग एवं राज्य कैबिनेट से अधिसूचित किया जाए।
इस मौके पर ऑल झारखंड मदरस स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष मो. इमरान, मेराजउद्दीन, मोकर्रम हयात, अबुल कलाम, अकील जावेद सहित अन्य उपस्थित रहें।
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