Home झारखण्ड जिला संवेदक संघ का रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना, सरकारी योजनाओं के ठप होने की चेतावनी
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जिला संवेदक संघ का रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना, सरकारी योजनाओं के ठप होने की चेतावनी

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District Contractors' Association stages one-day sit-in at Randhir Verma Chowk; warns of government schemes coming to a halt.
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धनबाद: जिला संवेदक संघ द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस धरने की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने की, जबकि मंच संचालन वरिष्ठ संवेदक रामनरेश सिंह द्वारा किया गया। रॉयल्टी चालान और बकाए भुगतान की समस्या को लेकर संवेदकों में भारी आक्रोश देखा गया।

RCD की निविदा का सामूहिक बहिष्कार

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने कहा कि जिले में सभी संवेदकों का भुगतान लंबे समय से रुका हुआ है। इसके कारण अधिकांश सरकारी योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसी से आक्रोशित होकर सोमवार को आरसीडी (RCD) की निविदा (Tender) में किसी भी संवेदक ने भाग नहीं लिया।

“जब तक प्रशासन या सरकार द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक हमारा यह विरोध जारी रहेगा। भुगतान न होने से संवेदकों के पास पूंजी का भारी अभाव हो गया है। अगर यही स्थिति रही तो आगे सभी सरकारी योजनाएं पूंजी की कमी के कारण पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।”

आकाश रवानी, अध्यक्ष (जिला संवेदक संघ)

पुरानी रॉयल्टी चालान व्यवस्था लागू करने की मांग

वरिष्ठ संवेदक रामनरेश सिंह ने कहा कि जब तक सरकार के पास कोई बेहतर और व्यावहारिक विकल्प नहीं मिलता है, तब तक रॉयल्टी चालान की पुरानी व्यवस्था को ही तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए।

वहीं, एक अन्य वरिष्ठ संवेदक डब्लू झा ने प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा:

  • “मिट्टी का रॉयल्टी चालान आखिर कहां से लाया जाएगा?”
  • “जिले की सरकारी योजनाओं में जितने मटेरियल (सामग्री) की जरूरत है, उतना चालान प्रशासन जारी करने में सक्षम ही नहीं है।”
  • “जब प्रशासन चालान दे ही नहीं सकता, तो ऐसे बेतुके कानून को लागू करने का क्या मतलब है?”

“बालू और आलू का रेट हुआ बराबर, नहीं सुधरे हालात तो जाएंगे हाई कोर्ट”

प्रशासनिक रवैये से नाराज वरिष्ठ संवेदक राजेश सिंह ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में बालू और आलू का रेट बराबर हो गया है।

उन्होंने माइनिंग ऑफिसर (खनन पदाधिकारी) के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा, “माइनिंग ऑफिसर कहते हैं कि अगर जिले में सामग्री की कमी है, तो पड़ोसी राज्य से लाएं। लेकिन संवेदकों को बीओक्यू (BOQ) में महज 20 किलोमीटर का ही लीड (दूरी का खर्च) मिला है। ऐसे में कोई भी संवेदक 200 किलोमीटर दूर से अपना नुकसान उठाकर सामग्री क्यों लाएगा? अगर सरकार ने इस व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया, तो सभी संवेदकों को मजबूरन उच्च न्यायालय (High Court) की शरण में जाना होगा।”

धरना प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित

इस एक दिवसीय धरने में जिले भर के सैकड़ों संवेदकों ने हिस्सा लिया। मौके पर मुख्य रूप से:

संवेदक संवेदक संवेदक
लक्ष्मण सिंहसमीर रवानीदीपक गोराई
राजीव सिंहमनोज सिंहमनोरंजन सिंह
प्रदीप चौरसियाविकास सिंह चौधरीदिवाकर सिंह
काशीनाथ प्रसाददीपक सिंहनिर्मल उपाध्यक्ष
शंकर सिंहहोरन चौधरीराजीव रंजन
पप्पू चौरसियाबीरेन्द्र यादवशौकत खान
शंकर भगतअनोज कुमारमो. अकबर
प्रमोद सावओपी यादवअजय कुमार
भागीरथ सिंहलोहा सिंहसुशील कुमार
मनोज सोईउदय शर्माप्रवीण सिंह
रंजीत शर्माभूषण पासवानशंकर दुबे
साबिर मंडलगुड्डू सिंहप्रहलाद यादव

इसके अलावा कार्यक्रम में जिला संवेदक संघ के सैकड़ों अन्य सदस्य और स्थानीय ठेकेदार भी एकजुटता दिखाने पहुंचे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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