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आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकास के लिए प्रतियोगिता शुरू, विजेताओं को मिलेंगे ₹10,000 तक के पुरस्कार

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Competition launched for developing nutrition gardens at Anganwadi centers; winners to receive prizes of up to ₹10,000.
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धनबाद: जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल शुरू की गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार, जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘पोषण वाटिका प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है।

इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को ताज़ी, सुरक्षित और पोषणयुक्त ‘हॉट कुक्ड मील’ (पका हुआ भोजन) उपलब्ध कराना है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर ही हरी सब्जियों और फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

बेहतर प्रदर्शन पर मिलेंगे नकद पुरस्कार

उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि पोषण वाटिका के बेहतर विकास, नवाचार (Innovation) और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए जिला स्तर पर इस प्रतियोगिता का खाका तैयार किया गया है। केंद्रों में विकसित पोषण वाटिकाओं का मूल्यांकन कुछ तय मानकों के आधार पर किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले केंद्रों को निम्नलिखित पुरस्कार राशियाँ दी जाएंगी:

  • प्रथम पुरस्कार: ₹10,000/-
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹8,000/-
  • तृतीय पुरस्कार: ₹6,000/-

पुरस्कार राशि का उपयोग: प्रतियोगिता से मिलने वाली पुरस्कार राशि का उपयोग संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र अपनी पोषण वाटिका को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और विकसित करने में करेंगे। इससे बच्चों को नियमित रूप से ताज़ी और पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियां मिल सकेंगी।

जनभागीदारी की अपील

जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं (Supervisors) और स्थानीय ग्रामीणों/समुदाय से सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में एक समृद्ध और आदर्श पोषण वाटिका विकसित हो, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में व्यापक सुधार हो सके।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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