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डीडीसी ने विकास योजनाओं और कल्याणकारी संस्थानों का किया औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश

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DDC conducts surprise inspection of development schemes and welfare institutions; issues strict instructions.
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धनबाद। जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को परखने और समाज के संवेदनशील वर्गों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त (DDC) सन्नी राज ने बुधवार को जिले के कई केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं में समयबद्धता, गुणवत्ता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप विकास आयुक्त के इस ताबड़तोड़ निरीक्षण से संबंधित विभागों में हड़कंप का माहौल रहा।

1. आंगनवाड़ी केंद्र के जीर्णोद्धार में तेजी लाने के निर्देश

भ्रमण के दौरान डीडीसी ने सबसे पहले एक आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चल रहे जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता को बारीकी से परखा।

  • कड़े निर्देश: उन्होंने कार्य में तेजी लाने, उच्च गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  • लापरवाही पर चेतावनी: डीडीसी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े इस केंद्र का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

2. हाफवे होम का नया ठिकाना, स्थानांतरण के आदेश

इसके बाद उप विकास आयुक्त ने गैर सरकारी संगठन (NGO) द्वारा संचालित ‘हाफवे होम’ का दौरा किया।

  • केंद्र का संचालन संतोषप्रद पाया गया, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से इसे पुराने स्कूल परिसर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
  • डीडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस स्थानांतरण को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाएं।

3. नेत्रहीन विद्यालय की बदहाली दूर करेगा नगर निगम

सन्नी राज इसके बाद जगजीवन नगर स्थित नेत्रहीन विद्यालय पहुंचे। विद्यालय परिसर की स्थिति को देखते हुए उन्होंने नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत:

  • भवन सुधार और बैठने की व्यवस्था को दुरुस्त करना।
  • शौचालय, बिजली और पानी की सुविधाओं का त्वरित नवीनीकरण करना।
  • पूरे विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करना।

4. RSETI का दौरा: ब्यूटी पार्लर कोर्स की सराहना, भोजन की गुणवत्ता पर जताई आपत्ति

भ्रमण के अंतिम चरण में डीडीसी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे। यहाँ उन्होंने ब्यूटी पार्लर कोर्स सहित अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संतोषजनक पाया। उन्होंने संस्थान के खुले बगीचे और फलदार पेड़ों की सराहना की।

भोजन पर बिफरे डीडीसी: निरीक्षण के दौरान छात्रों को दिए जा रहे भोजन की खराब गुणवत्ता पर डीडीसी ने सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए भोजन की गुणवत्ता में तुरंत सुधार करने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य: डीडीसी

निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा:

“जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में समयबद्धता और कल्याणकारी संस्थानों में मानवीय दृष्टिकोण रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।”

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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