Home एजुकेशन मेहनत को मिली मंजिल : दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम ने NEET में फहराया परचम
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मेहनत को मिली मंजिल : दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम ने NEET में फहराया परचम

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Hard Work Pays Off: Daily Wage Laborer's Daughter Poonam Shines in NEET
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जिला प्रशासन उठाएगा डॉक्टर बनने का पूरा खर्च

धनबाद। “हौसले बुलंद हों, तो तंगहाली भी तरक्की का रास्ता नहीं रोक सकती।” इस कहावत को सच कर दिखाया है धनबाद की भूदा बस्ती की रहने वाली पूनम कुमारी ने। एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे धनबाद जिले का नाम रोशन किया है। पूनम का अब डॉक्टर बनने का सपना साकार होने जा रहा है।

NEET में 99.13 परसेंटाइल के साथ पाई ऑल इंडिया 16,972वीं रैंक

एसएसएलएनटी ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ (उत्कृष्ट गर्ल्स विद्यालय) की छात्रा रही पूनम ने नीट परीक्षा में 582 अंक हासिल किए हैं। उनका परसेंटाइल 99.1375 रहा और उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 16,972 प्राप्त की है। इससे पहले पूनम ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.4% अंक लाकर धनबाद जिले में पहला स्थान (टॉपर) हासिल किया था।

पूनम के पिता धरमू गोराई पेशे से दिहाड़ी मजदूर हैं और मां पीपू देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक तंगी के बावजूद पूनम ने अपनी लगन और दिन-रात की मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

उपायुक्त ने किया सम्मानित, जिला प्रशासन उठाएगा पढ़ाई का पूरा खर्च

पूनम की इस ऐतिहासिक सफलता पर मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने उन्हें सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शिक्षा के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाते हुए जिला प्रशासन पूनम के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन से लेकर डॉक्टर बनने तक की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसों की कमी के कारण किसी भी मेधावी सरकारी स्कूली बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकेगी।

कार्डियोलॉजिस्ट बनकर समाज सेवा का लक्ष्य

भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) बनकर गरीबों की सेवा करने का सपना देखने वाली पूनम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शिक्षा नीतियों को दिया।

पूनम ने जताया मुख्यमंत्री का आभार: “पिताजी की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मैं किसी महंगे प्राइवेट स्कूल में पढ़ सकूं। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एडमिशन मिलने के बाद हमें सीबीएसई पैटर्न पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच के कारण ही मुझ जैसे गरीब परिवार के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के दरवाजे खुले हैं। मैं उनका दिल से धन्यवाद करती हूं।”

झारखंड का शिक्षा मॉडल पेश कर रहा मिसाल

राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों में नया आत्मविश्वास जागा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, योग्य शिक्षकों और नि:शुल्क अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के दम पर आज झारखंड का यह शिक्षा मॉडल पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बन रहा है। पूनम की इस उपलब्धि से पूरे धनबाद जिले में खुशी की लहर है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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