रांची: छात्र हित की मांगों को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है, जिससे इसकी आड़ में चल रहे खेल का पर्दाफाश हो गया है। शुरुआत में यह आंदोलन पेपर लीक और अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर उठा था, लेकिन देखते ही देखते इस मंच पर विपक्षी दलों के नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया।
अब यह विरोध प्रदर्शन केवल केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक घेराबंदी तक सीमित रह गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए फिल्म निर्देशक हेमंत कुमार ने तीखा हमला बोला है।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
फिल्म निर्देशक हेमंत कुमार ने कहा कि वर्तमान में चल रहे इस प्रोटेस्ट में समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी (चंद्रशेखर), आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेता व कार्यकर्ता ही सक्रिय नजर आ रहे हैं। ये लोग मंच का इस्तेमाल केवल सरकार विरोधी बयानबाजी के लिए कर रहे हैं।
“छात्रों के जायज विरोध प्रदर्शन को अब पूरी तरह से राजनीतिक मोड़ दिया जा चुका है। यह छात्र हित नहीं, बल्कि प्रोटेस्ट के नाम पर प्रोपेगैंडा फैलाने की सोची-समझी साजिश है।” — हेमंत कुमार, फिल्म निर्देशक
सरकार के संयम और कार्यवाही की सराहना
हेमंत कुमार ने स्थिति को संभालने में सरकार के संयम की तारीफ करते हुए कहा कि जैसे ही एनटीए (NTA) को परीक्षा में गड़बड़ी या धांधली की भनक लगी, तुरंत परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन कराया गया। वर्तमान में छात्र काउंसलिंग की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि ये कौन से असामाजिक तत्व हैं जो छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर देश को गुमराह करने में जुटे हैं?
शिक्षा मंत्री का जताया आभार
फिल्म निर्देशक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार के धैर्यपूर्ण रवैये के कारण ही देश विरोधी और गंदी राजनीति करने वाले तत्वों का चेहरा उजागर हो सका है। विपक्ष का यह रुख उनकी निम्नस्तरीय सोच और देश विरोधी मानसिकता को साफ दर्शाता है।
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