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एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सख्त सीएक्यूएम

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CAQM takes a tough stance on air pollution in NCR.
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फरीदाबाद और गुरुग्राम में सड़कों के दावों की खुली पोल, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज

नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026 : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सख्त रुख अपना लिया है। आयोग ने 22 जुलाई 2026 को फरीदाबाद और गुरुग्राम में सड़कों के पक्कीकरण और हरितीकरण के मानकों का जायजा लेने के लिए एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान नगर निगमों द्वारा दिए गए गलत दावों की पोल खुल गई, जिसके बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

फ्लाइंग स्क्वॉड ने किया 64 सड़क खंडों का निरीक्षण

आयोग ने जमीनी हकीकत परखने के लिए 9 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए थे। इन टीमों ने लगभग 31 किलोमीटर लंबे कुल 64 सड़क खंडों का गहन निरीक्षण किया:

  • नगर निगम फरीदाबाद (MCF): 50 सड़क खंड
  • नगर निगम गुरुग्राम (MCG): 14 सड़क खंड

निरीक्षण का दायरा: इस अभियान में 10 मीटर से कम और 10 से 15 मीटर तक की ‘राइट ऑफ वे’ (RoW) श्रेणी वाली सड़कों को शामिल किया गया था।

दावों और हकीकत में अंतर: 15 सड़कों पर अधूरा मिला काम

निरीक्षण के दौरान पता चला कि 64 में से 49 सड़क खंडों (फरीदाबाद की 38 और गुरुग्राम की 11) पर ही शुरुआत से अंत तक पक्कीकरण का काम पूरा हुआ था।

जबकि 15 सड़क खंडों (फरीदाबाद की 12 और गुरुग्राम की 3) पर पक्कीकरण और पुनर्विकास के कार्य अभी भी अधूरे पाए गए।

गलत जानकारी देने वाले अफसरों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

नगर निगम फरीदाबाद और गुरुग्राम ने आयोग से दावा किया था कि सड़कों का पुनर्विकास तय मानक ढांचे के अनुसार पूरा कर लिया गया है। हालांकि, औचक निरीक्षण में कई स्थानों पर इन मानकों की सरेआम अनदेखी पाई गई।

इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएक्यूएम ने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयोग को गुमराह करने और गलत रिपोर्ट सौंपने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

धूल नियंत्रण और दीर्घकालिक समाधान पर जोर

सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया कि सड़कों का समुचित पक्कीकरण केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण का मुख्य जरिया है:

  • धूल में कमी: वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल ही प्रदूषण का बड़ा कारण है, जिसे पक्की सड़कें काफी हद तक रोकती हैं।
  • सफाई में आसानी: पक्की सड़कों पर मशीनीकृत सफाई (Mechanized Sweeping) और अन्य धूल नियंत्रण उपाय अधिक प्रभावी साबित होते हैं।

आयोग ने सभी सड़क स्वामित्व एजेंसियों को बाकी बचे पुनर्विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की हिदायत दी है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसे सरप्राइज निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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