धनबाद। जिला प्रशासन द्वारा जिले में रोजगार को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में ‘एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी’ (आत्मा) के गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में बड़े स्तर पर मशरूम उत्पादन के लिए रणनीति तैयार की गई।
मशरूम की बृहद यूनिट और किसानों को प्रशिक्षण
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने अधिकारियों को जिले में वृहद पैमाने पर मशरूम की खेती की योजना बनाने और इसका बड़ा यूनिट स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इस दिशा में प्रशिक्षित भी किया जाएगा ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
इसके साथ ही, किसानों से राय-मशविरा करने के लिए ‘किसान पखवाड़ा’ आयोजित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि यह समझा जा सके कि जिले में किस प्रकार की खेती की बेहतर संभावनाएं हैं।
15 अगस्त से पहले पूरी होगी कृषक मित्रों की चयन प्रक्रिया
उपायुक्त ने किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु उनके साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का फैसला लिया। इसके अलावा, जिले में पारदर्शी तरीके से कृषक मित्रों की चयन प्रक्रिया 15 अगस्त से पूर्व पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर चर्चा
बैठक में ‘आत्मा’ एवं ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन’ के उद्देश्यों, किसानों के आर्थिक-तकनीकी विकास और वित्तीय वर्ष 2026-27 की भावी कार्य योजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रस्तावित मुख्य गतिविधियां:
- बीज उत्पादन में बढ़ावा: 20 बीज उत्पादक कृषक समूहों का गठन।
- किसान कल्याण: किसान मेला, किसान-वैज्ञानिक अंतर्मिलन, कृषक पाठशाला और किसान गोष्ठी का आयोजन।
- क्षमता निर्माण: किसानों का प्रशिक्षण, परिभ्रमण और विशेषज्ञ सलाहकारों का नामांकन।
- विशेष अभियान: ‘मिशन फॉर आत्मनिर्भर पल्सेस’ तथा आत्मा कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी:
उप विकास आयुक्त सन्नी राज, जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक मिश्रा, डीएलएओ राम नारायण खालको, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
Leave a comment