धनबाद। धनबाद जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य आनंद ने धनबाद उपायुक्त से मुलाकात कर जिले के निजी स्कूलों के द्वारा री-एडमिशन और एनुअल फीस के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को रोकने की मांग की।
उन्होंने एक मांग पत्र सौंपकर स्कूलों की इस मनमानी पर तत्काल रोक लगाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
स्पष्ट आदेश के बावजूद वसूली जारी
आदित्य आनंद ने उपायुक्त को अवगत कराया कि री-एडमिशन फीस पर रोक लगाने के स्पष्ट सरकारी आदेश के बावजूद कई स्कूल प्रशासन अब नए हथकंडे अपना रहे हैं। अब री-एडमिशन के बजाय ‘एनुअल फीस’ के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है।
अभिभावकों पर बढ़ रहा है आर्थिक बोझ
ज्ञापन में कहा गया है कि हर साल नए-नए नाम देकर फीस वसूली का यह सिलसिला जारी है, जिससे आम परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इससे अभिभावकों और आम जनता में स्कूल प्रबंधन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्रमुख मांगें :
सख्त कार्रवाई : एनुअल फीस और री-एडमिशन के नाम पर मनमानी करने वाले स्कूलों पर प्रशासन कड़ा रुख अपनाये
जांच और रोक : शिक्षा विभाग के माध्यम से इन स्कूलों की फीस संरचना की जांच हो और नियम विरुद्ध ली जा रही राशि पर तुरंत रोक लगे।
आम जनता को राहत : मध्यमवर्गीय परिवारों और बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर जिला प्रशासन गंभीरता से ध्यान दे।
आदित्य आनंद ने कहा कि ”निजी स्कूलों की मनमानी अब बर्दाश्त से बाहर है। री-एडमिशन पर रोक के बाद नाम बदलकर पैसे वसूलना अभिभावकों के साथ धोखा है।उपायुक्त से इस विषय पर विशेष ध्यान देने का निवेदन किया है।”
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