रांची । पांच दिवसीय इनोवेशन, डिजाइन एवं एंटरप्रेन्योरशिप (IDE) बूटकैंप (संस्करण 3, चरण 2) का शुभारंभ BIT मेसरा में AICTE, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (MIC), वाधवानी फाउंडेशन तथा SBI फाउंडेशन के सहयोग से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत CAT हॉल में पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं संस्थान प्रार्थना के साथ हुई। इस अवसर पर प्रो. इंद्रनील मन्ना (कुलपति, BIT मेसरा) ने अपने संबोधन में छात्रों को उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया।वहीं डॉ. राजेश जैन (कुलसचिव, BIT मेसरा) ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा (एसपीओसी एवं संयोजक, IDE बूटकैंप) ने अपने स्वागत भाषण में बूटकैंप के प्रमुख उद्देश्यों जैसे नवाचार को बढ़ावा देना, डिजाइन थिंकिंग विकसित करना, समस्या समाधान क्षमता मजबूत करना, स्टार्टअप एवं व्यवसाय मॉडल निर्माण, नेतृत्व, टीमवर्क और संचार कौशल को सुदृढ़ करना तथा शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना शामिल किया। अन्य प्रमुख वक्ताओं में प्रो. संजय कुमार झा (विभागाध्यक्ष, प्रबंधन अध्ययन विभाग), प्रो. राजू पोद्दार (डीन, अनुसंधान, नवाचार एवं नवाचार एवं उद्यमिता), आशीष शर्मा (नोडल सेंटर प्रमुख, AICTE) तथा वाधवानी फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर्स प्रो. सिद्धार्थ राजा हलदर और ऋषभ गिल शामिल रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. अनिंदिता बेरा (संयुक्त संयोजक) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इसके पश्चात R&D भवन के सेमिनार हॉल-2 में तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनका संचालन ऋषभ गिल (मास्टर ट्रेनर, वाधवानी फाउंडेशन) ने किया तथा समन्वय डॉ. एस. के. साहाना (कंप्यूटर विज्ञान विभाग) द्वारा किया गया। इन सत्रों में 21वीं सदी में सीखने, भूलने और पुनः सीखने की क्षमता पर जोर दिया गया तथा समस्या पहचान, बाजार की व्यवहार्यता, ग्राहक समझ और वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
“आइडिया से प्रभाव तक : AI द्वारा संचालित स्टार्टअप यात्रा” विषय पर सत्र में बताया गया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप को तेजी से विकसित करने में सहायक है। वहीं “समस्या पहचान एवं अवसर खोज” सत्र में Sequoia Capital (लगभग 300 बिलियन डॉलर का पोर्टफोलियो) के केस स्टडी के माध्यम से यह समझाया गया कि यदि आपका विचार मजबूत है, तो निवेशक स्वयं आपके पास आते हैं।
दिन के अंत में आयोजित मॉडल प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में छात्रों ने अपने नवाचारी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनमें ‘गगन रथ’ (ईंधन-कुशल अंतरिक्ष वाहन अवधारणा), स्वचालित पौधा सिंचाई प्रणाली (कंडक्टिविटी आधारित स्मार्ट समाधान) तथा ‘व्योमबंधन’ (सेंसर आधारित स्पेस डॉकिंग प्रणाली) प्रमुख रहे। इस प्रकार बूटकैंप के पहले दिन ने प्रतिभागियों के भीतर नवाचार, उद्यमशीलता सोच और व्यावहारिक ज्ञान का मजबूत आधार स्थापित किया तथा उन्हें भविष्य के लिए सक्षम और उद्योग-उन्मुख बनने की दिशा में प्रेरित किया।
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