Home झारखण्ड मुख्य सचिव ने मुनिडीह प्रोजेक्ट का किया भ्रमण, अंडरग्राउंड माइनिंग की प्रक्रिया से हुई रुबरु
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मुख्य सचिव ने मुनिडीह प्रोजेक्ट का किया भ्रमण, अंडरग्राउंड माइनिंग की प्रक्रिया से हुई रुबरु

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धनबाद । झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने रविवार को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के पश्चिमी झरिया क्षेत्र के मुनिडीह प्रोजेक्ट अंतर्गत मुनिडीह कोलियरी में अंडरग्राउंड माइनिंग का भ्रमण किया।

इस दौरान उन्होंने बीसीसीएल के पदाधिकारियों से सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इसके बाद अंडरग्राउंड माइन्स में कोयला खनन की प्रक्रिया देखी। उन्होंने बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक से उत्पादन व डिस्पैच की जानकारी ली।‌ कोयले की गुणवत्ता की भी जानकारी ली।

वहीं मुनिडीह पहुंचने पर बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने मुख्य सचिव का स्वागत किया।

मुख्य सचिव अलका तिवारी के साथ पूर्व मुख्य सचिव डी.के. तिवारी, उपायुक्त आदित्य रंजन,‌ एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार, बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक समीरन दत्ता, निदेशक (तकनीकी ऑपरेशन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी, प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग) मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, पुटकी के अंचल अधिकारी विकास आनंद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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