Home झारखण्ड मीट कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य।
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मीट कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य।

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धनबाद । खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत जिले में मीट एवं मुर्गा दुकानों के संचालन हेतु निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन करना अनिवार्य है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ राजा कुमार द्वारा जिले के सभी मीट कारोबारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

जारी निर्देश के अनुसार, मीट दुकानों का पंजीकरण/लाइसेंस भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण एवं झारखंड खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। दुकानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, नॉन-स्लिप फ्लोर, उचित ड्रेनेज व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्टेनलेस स्टील के उपकरण, उचित तापमान पर मांस भंडारण तथा वेस्ट डिस्पोजल की समुचित व्यवस्था होना आवश्यक है।

इसके साथ ही धार्मिक स्थलों के पास निर्धारित दूरी का पालन, दुकान में स्पष्ट साइन बोर्ड, कर्मचारियों का वार्षिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तथा उपभोक्ता स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि 14 दिनों के भीतर सभी मीट/मुर्गा दुकानदारों को निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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