Home झारखण्ड जल संरक्षण, जल संचयन तथा जल स्वच्छता कार्यक्रम का उद्देश्य – उपायुक्त
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जल संरक्षण, जल संचयन तथा जल स्वच्छता कार्यक्रम का उद्देश्य – उपायुक्त

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नमामि गंगे कार्यक्रम में राजेंद्र सरोवर पहुंचे उपायुक्त, दीयों से जगमगाया राजेंद्र सरोवर

गंगा उत्सव के तहत उपायुक्त ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

धनबाद । राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के निर्देश पर नमामि गंगे योजना को लेकर गंगा उत्सव का आयोजन बेकारबांध राजेंद्र सरोवर में आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला गंगा समिति आदित्य रंजन, नगर आयुक्त रविराज शर्मा ने दीप जलाकर गंगा आरती की और सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई। जिला गंगा समिति और धनबाद नगर निगम द्वारा आयोजित गंगा आरती को लेकर राजेंद्र सरोवर की भव्य सज्जा की गयी थी। कार्यक्रम में धनबाद शहरी क्षेत्र के लोगों ने उत्साह से भाग लिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन गंगा और उसकी घटक नदियों और जलाशयों को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार रखने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा दामोदर नदी को भी गंदा नहीं होने देना है और इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के स्तर से भी काफ़ी प्रयास हो रहे हैं।

इस गंगा आरती के आयोजन में रंगोली चित्रण, दीया प्रज्वलन, भजन-कीर्तन एवं गंगा आरती का कार्यक्रम हुआ। जिसमें हिस्सा लेने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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