Home झारखण्ड दीपु चन्द्र दास की निर्मम हत्या पर नीलकंठ रवानी ने कहा बांग्लादेश में अब हिंदू सुरक्षित नहीं।
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दीपु चन्द्र दास की निर्मम हत्या पर नीलकंठ रवानी ने कहा बांग्लादेश में अब हिंदू सुरक्षित नहीं।

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बांग्लादेश में दीपु चन्द्र दास की निर्मम हत्या निंदनीय – नीलकंठ रवानी

बांग्लादेश में अब हिंदू सुरक्षित नहीं – नीलकंठ रवानी

राजगंज : बांग्लादेश में दीपु चन्द्र दास की निर्मम हत्या पर भाजपा के धनबाद जिला मीडिया प्रभारी नीलकंठ रवानी ने कड़े शब्दों मे निंदा की एवं विरोध जताया हैं। दीपु चन्द्र दास को जिहादीयों एंव कट्टरपंथियों के द्वारा माॅब लिंचिग कर बेरहमी से जिंदा जलाया गया।वहीं बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं की हत्या,अत्याचार और शोषण युनुस की सरकार में किया जा रहा है।अभी बांग्लादेश भारत के लिए चुनौती बन चुका हैं और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी को इस मामले पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए।नीलकंठ रवानी ने कहा जिहादीयों एंव कट्टरपंथियों के द्वारा बांग्लादेश की युनुस सरकार चल रही हैं।युनुस सरकार में खुलेआम हिंदुओं की हत्या सड़क पर की जा रही है।बांग्लादेश में अब हिंदू सुरक्षित नहीं है।बांग्लादेश में लोकतंत्र खत्म हो गया है।बांग्लादेश में हिंदुओं को टार्गेट कर खुलेआम सड़कों पर हत्या किया जा रहा हैं और सरकार मुकदर्शक बना हुआ है। इस तरह खुलेआम घटना को अंजाम देना भारत के लिए एक चुनौती है।इसी तरह पाकिस्तान में भी हिन्दुओं को सरेआम हत्या, बलात्कार एंव धर्मांतरण कराया जा रहा है।नीलकंठ रवानी ने भारत सरकार से आग्रह किया हैं कि बांग्लादेश व पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई ताकि वहाँ हिन्दू सुरक्षित रह सकें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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