धनबाद / निरसा: जिला के निरसा स्थित प्रतिष्ठित ‘पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बेनागड़िया’ से रैगिंग और क्रूरता का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ 10वीं कक्षा के एक छात्र को उसके ही पाँच सहपाठियों ने बंधक बनाकर बेल्ट से बेरहमी से पीटा। क्रूरता की हदें पार करते हुए आरोपियों ने इस मारपीट का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फिलहाल पीड़ित छात्र की हालत गंभीर है और उसे इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH में भर्ती कराया गया है।
हॉस्टल में आधी रात को हुआ विवाद, रस्सी से बाँधकर की पिटाई
पीड़ित छात्र सुमित कुमार दास (गोविंदपुर के नगरक्यारी गांव का निवासी) बेनागड़िया नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में रहकर 10वीं की पढ़ाई कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात हॉस्टल में मोबाइल पर पैसे ट्रांसफर करने को लेकर सुमित का कुछ सहपाठियों से विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि पाँच छात्रों ने मिलकर सुमित के हाथ-पैर रस्सी से बाँध दिए और बेल्ट से उसकी बर्बरतापूर्वक पिटाई की। आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर उसे मुँह खोलने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी।
डर के मारे दो दिन तक छुपा रहा पीड़ित, हालत बिगड़ने पर खुला राज
इस खौफनाक घटना के बाद पीड़ित छात्र इतना डर गया था कि उसने दो दिनों तक किसी से कुछ नहीं कहा। वह स्कूल की नर्स से दवा लेकर दर्द सहता रहा और फोन पर परिजनों को सब ठीक होने की बात कहता रहा। लेकिन जब दर्द असहनीय हो गया और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, तब उसने परिजनों को रोते हुए आपबीती सुनाई।
परिजनों के स्कूल पहुँचने के बाद विद्यालय प्रबंधन को मामले की भनक लगी। छात्र को तुरंत पांडरा उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH रेफर कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने नवोदय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और हॉस्टल मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- चोरी-छिपे मोबाइल का इस्तेमाल: स्कूल प्रबंधन का कहना है कि परिसर में मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन अभिभावक चोरी-छिपे बच्चों को मोबाइल दे देते हैं।
- सीसीटीवी की सीमा: प्रबंधन के मुताबिक परिसर में सीसीटीवी हैं, लेकिन प्राइवेसी के कारण क्लासरूम और हॉस्टल के कुछ निजी हिस्सों में कैमरे नहीं हैं, जिसका फायदा छात्रों ने उठाया।
जांच और कार्रवाई का आश्वासन: स्कूल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति का गठन किया है। प्रबंधन का दावा है कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पिता ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़ित छात्र के पिता उमेश कुमार दास ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हुआ, वह बेहद भयानक है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम छात्र के साथ रैगिंग के नाम पर ऐसा खौफनाक बर्ताव न हो।
फिलहाल, पीड़ित छात्र अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस व स्कूल प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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