Home झारखण्ड बच्चों के दिल की बीमारी का होगा मुफ्त इलाज : देवघर, बोकारो और चाईबासा में विशेष जाँच शिविर, धनबाद से भेजे जाएंगे 20 बच्चे
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बच्चों के दिल की बीमारी का होगा मुफ्त इलाज : देवघर, बोकारो और चाईबासा में विशेष जाँच शिविर, धनबाद से भेजे जाएंगे 20 बच्चे

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Free treatment for children's heart disease: Special screening camps in Deoghar, Bokaro, and Chaibasa; 20 children to be sent from Dhanbad.
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धनबाद : झारखंड के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) की पहचान और उनके बिल्कुल मुफ्त इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड और कोच्चि के प्रसिद्ध ‘अमृता हॉस्पिटल’ के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के तीन जिलों में विशेष स्वास्थ्य जाँच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण पहल के तहत देवघर, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ देश के विशेषज्ञ डॉक्टर बच्चों के दिल की जाँच करेंगे।

शिविरों का पूरा शेड्यूल:

  • 17 जुलाई: एम्स (AIIMS), देवघर
  • 18 जुलाई: न्यायिक भवन, बोकारो
  • 19 जुलाई: डीईआइसी (DEIC) भवन, पश्चिमी सिंहभूम

धनबाद से चिह्नित 20 बच्चे जाएंगे बोकारो, उपायुक्त ने की बड़ी अपील

धनबाद के उपायुक्त ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत धनबाद जिले से जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित कुल 20 बच्चों को चिह्नित किया गया है। इन सभी बच्चों को आगामी 18 जुलाई को बोकारो के न्यायिक भवन में आयोजित होने वाले शिविर में भेजा जाएगा। बच्चों को शिविर तक सुरक्षित ले जाने और वापस लाने की तमाम व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं।

उपायुक्त ने जिले के तमाम अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा:

“अगर किसी भी बच्चे में जन्मजात दिल की बीमारी के लक्षण हैं या वे पहले से चिह्नित हैं, तो अभिभावक इस सुनहरे और निःशुल्क अवसर को हाथ से न जाने दें। निर्धारित तिथि और स्थान पर पहुँचकर अपने बच्चों की जाँच अवश्य कराएं।”

जाँच के साथ मिलेगी मुफ्त सर्जरी की सुविधा

इस विशेष जाँच शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ सिर्फ परामर्श नहीं मिलेगा, बल्कि जिन बच्चों को सर्जरी (ऑपरेशन) या गंभीर उपचार की आवश्यकता होगी, उनका पूरा इलाज पूरी तरह से निःशुल्क (Free of Cost) सुनिश्चित किया जाएगा।

कौन उठा सकता है लाभ?

ऐसे सभी बच्चे जो जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित हैं, जिनमें इसके लक्षण (जैसे सांस फूलना, होंठ या नाखून नीले पड़ना, कमजोर विकास) दिखते हैं, या जो पहले से RBSK के तहत रजिस्टर्ड हैं, वे इस शिविर में शामिल हो सकते हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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