Home झारखण्ड सरस्वती शिशु मंदिर श्यामडीह में राधा-कृष्ण बाल रूप सज्जा सहित विविध प्रतियोगिताएं संपन्न
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सरस्वती शिशु मंदिर श्यामडीह में राधा-कृष्ण बाल रूप सज्जा सहित विविध प्रतियोगिताएं संपन्न

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कतरास । सरस्वती शिशु मंदिर, श्यामडीह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ राधा-कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, राखी सज्जा तथा बांसुरी सज्जा प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में सजीव और मनमोहक प्रस्तुतियां दी।जिससे वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया। मेहंदी और राखी प्रतियोगिता में छात्राओं ने एवं बांसुरी सज्जा प्रतियोगिता में विद्यालय के भैया अपनी रचनात्मकता का सुंदर प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कतरास के प्रमुख समाजसेवी एवं विद्यालय के अध्यक्ष प्रदीप खेमका द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय सचिव विक्रम कुमार राजगढ़िया, कोषाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल, उप प्राचार्य श्रेया सरकार, आचार्य बृंद, अभिभावक बंधु उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल ने सभी प्रतिभागियों की प्रतिभा की सराहना की और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

विद्यालय प्राचार्य अभिमन्यु कुमार ने इस अवसर पर सभी अभिभावकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया और बच्चों को संस्कार एवं संस्कृति से जोड़ने वाली ऐसी गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि के आशीर्वचनों के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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