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सरकारी स्कूलों की पोल खोल अभियान को लेकर प्रेस वार्ता

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शिवपुरी । शिवपुरी में स्कूलों की जर्जर और खस्ताहाल स्थिति को लेकर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष शांतनू कुशवाह, शहर अध्यक्ष समीर खान सहित अन्य पदाधिकारियों ने NSUI के प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष चौकसे के निर्देश पर “सरकारी स्कूलों की पोल खोल अभियान” शुरू किया है। जिसको लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

NSUI के जिलाध्यक्ष शांतनु ने बताया कि हमने शिवपुरी शहर के 9 और पिछोर क्षेत्र के 2 स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसमे स्कूलों की हालत अत्यंत खराब पाई गई। कई विद्यालयों की छतें जर्जर हैं, जिनसे बारिश का पानी टपकता है। कुछ स्कूलों में पीने के पानी तक की भी व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब शहरी क्षेत्र के स्कूलों की यह दशा है, तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
राजस्थान के झालावाड़ में हाल ही में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद एनएसयूआई ने शिवपुरी जिले के स्कूलों की जमीनी हकीकत उजागर की है।
शासन, प्रशासन और शिक्षा विभाग तब तक कार्रवाई नहीं करेंगे जब तक कोई हादसा न हो जाए। यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी, तो एनएसयूआई जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ कलेक्ट्रेट और मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करेगी।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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