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रांची से पुलिस ने लापता मुखिया को खोज निकाला, परिजन को सौंपा

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बोकारो : बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड अंतर्गत पलिहारी गुरुडीह पंचायत की लापता युवा मुखिया सपना कुमारी को तीन दिनों की खोजबीन के उपरांत पुलिस ने रांची से खोज निकाला। मुखिया सपना 2 अक्टूबर की दोपहर घर से बाहर निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं।परिजनों ने आस-पड़ोस और रिश्तेदारों में काफी खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद मुखिया पति ने गोमिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और रांची से पुलिस ने मुखिया सपना को खोज निकाला और परिजन को सौंप दिया।
बता दें कि 2022 के पंचायत चुनाव में सपना ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुनीता पर महज 19 वोटों से जीत दर्ज कर बोकारो जिले की सबसे कम उम्र की मुखिया बनी थीं। शुरुआत में उनकी पहचान कर्मठ और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में रही, परंतु अचानक गायब हो जाने से लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई थी।त्योहारों की रौनक के बीच इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों में तरह – तरह की चर्चा हो रही थी कि क्या यह महज़ संयोग है या इसके पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा है? फिलहाल पुलिस ने मुखिया सपना को रांची से खोज निकाला हैं और उन्हें उनके परिजन के हवाले कर दिया हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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