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Aazhimala Shiva Mandir और मक़रम माह में मनाया जाने वाला वार्षिक उत्सव

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Aazhimala Shiva Temple
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केरल के Aazhimala Shiva Mandir में स्थित 18 मीटर ऊँची गंगाधरेश्वर प्रतिमा और पवित्र समुद्री तीर्थ के बारे में जानें।

Aazhimala Shiva Mandir:केरल का तटवर्ती पवित्र तीर्थ और गंगाधरेश्वर की विशाल प्रतिमा


आजीमाला शिव मंदिर केरल के थिरुवनंतपुरम जिले में पुलिंकुड़ी के पास, अरबी सागर के किनारे स्थित एक अत्यंत पवित्र और दर्शनीय शिव पीठ है। यह मंदिर अपने 18 मीटर (58 फीट) ऊँची गंगाधरेश्वर प्रतिमा के लिए विख्यात है, जो केरल में सबसे ऊँची शिव प्रतिमा मानी जाती है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य और मंदिर की पारंपरिक द्राविड़ीय वास्तुकला इसे आध्यात्मिक अनुभव के लिए एक विशेष स्थल बनाती है।

मंदिर का स्थान और धार्मिक महत्व
आजीमाला शिव मंदिर विजिन्जम-पूवार रोड के पास तटीय चट्टानों पर बसा है, जहाँ से अरबी सागर की मनोहारी झलक मिलती है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। मंदिर का प्रबंधन आजीमाला शिव मंदिर देवस्वोम ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जो पूजा, रखरखाव और त्योहारों का आयोजन देखता है।

आर्किटेक्चर और गंगाधरेश्वर प्रतिमा
मंदिर की वास्तुकला में तमिलनाडु के द्राविड़ीय मंदिरों के समानता देखी जा सकती है, जो इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है। गंगाधरेश्वर प्रतिमा, जो भगवान शिव के एक रूप में प्रतिष्ठित है, इसकी मुख्य विशेषता है। यह प्रतिमा समुद्र के किनारे स्थित होने के कारण और भी प्रभावशाली प्रतीत होती है।

प्रमुख त्योहार और आयोजन
मंदिर में वार्षिक उत्सव मक़रम (जनवरी–फरवरी) के महीने में मनाया जाता है, जो प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों में से एक है। इसके अतिरिक्त, महाशिवरात्रि पर भी यहाँ बड़ी संख्य में श्रद्धालु झलकते हैं। मंगलवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, क्योंकि इसे भगवान शिव की विशेष कृपा का दिन माना जाता है।

आजीमाला मंदिर का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव
यह मंदिर केरल के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ की शांति, समुद्री हवा और भव्य प्रतिमा का दर्शन लोगों को आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्रदान करता है। मंदिर परिसर का प्रबंधन यह सुनिश्चित करता है कि सभी भक्तों को सुगम और प्रभावशाली पूजा की सुविधा मिल सके।

पर्यटन और श्रद्धालु सुविधा
मंदिर के आसपास की प्राकृतिक सुंदरता और समुद्र के दृश्य पर्यटकों के लिए भी अत्यंत मनमोहक हैं। स्थानीय प्रशासन और ट्रस्ट द्वारा सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक दोनों का अनुभव सुखद हो।

FAQs

प्रश्न 1: आजीमाला शिव मंदिर कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह केरल के थिरुवनंतपुरम जिले में पुलिंकुड़ी के समीप अरबी सागर के तट पर स्थित है।

प्रश्न 2: गंगाधरेश्वर प्रतिमा की ऊँचाई कितनी है?
उत्तर: यह प्रतिमा 18 मीटर (58 फीट) ऊँची है, जो केरल की सबसे ऊँची शिव प्रतिमा है।

प्रश्न 3: मंदिर में कौन-कौन से मुख्य त्योहार मनाए जाते हैं?
उत्तर: यहाँ मक़रम महीने में वार्षिक उत्सव और महाशिवरात्रि प्रमुख त्योहार हैं।

प्रश्न 4: श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में विशेष दिन कौन सा है?
उत्तर: मंगलवार के दिन सबसे अधिक श्रद्धालु आते हैं क्योंकि यह भगवान शिव का शुभ दिन माना जाता है।

प्रश्न 5: क्या मंदिर कपिलेश्वर और द्रविड़ वास्तुकला पर आधारित है?
उत्तर: हां, मंदिर की वास्तुकला द्राविड़ीय शैली में है, जो तमिलनाडु के मंदिरों से मिलती-जुलती है।

यह लेख आजीमाला शिव मंदिर की धार्मिक, सांस्कृतिक और वास्तुकला की विशेषताओं पर आधारित सरल हिंदी में लिखा गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए जानकारीपूर्ण है।

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