मुंबई : अधिकतर निर्माता यह आरोप लगाते हैं कि फिल्में लेकर कंपनियां पेमेंट पूरा नहीं करती हैं और इस तरह से कंपनी को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में दुष्प्रचार किया जाता है।लेकिन, इन बातों का खंडन करते हुए आर्या ग्रुप ऑफ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दुर्गेश आर सिंह राजपूत ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों के पेमेंट रुकने में अधिकांश निर्माता की ही गलती होती है। पर अक्सर निर्माता अपनी गलतियों को छुपाते हैं और कंपनी को ही दोषी ठहराते हैं। अब जैसे आर्या डिजिटल को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में गलत मानसिकता के लोग कंपनी को लेकर दुष्प्रचार करते हैं। जिस पर दुर्गेश सिंह ने कहा कि निर्माता की कई गलतियां होती है।
जैसे फिल्मों की डिलीवरी पूरी नहीं करना, एक जगह फिल्मों के राइट्स बेचकर दोबारा दूसरी जगह बेच देना, फिल्म देने से पहले एडवांस की मांग करना, फिल्म रिलीज के बाद प्रमोशन में कमी होने से व्यूज नहीं आना इत्यादि। इस तरह से और भी कई प्रमुख कारण है जिसमें कलाकारों के साथ ठगी करना भी शामिल हैं। कंपनी की ओर से दुर्गेश सिंह ने यह कहा कि जो अच्छे निर्माता है और अच्छी फिल्में बनाते हैं। साथ ही जिन्हें फिल्म इंडस्ट्री और फिल्म बिजनेस का ज्ञान हैं। वे ऐसी गलतियां नहीं करते हैं और उनके साथ कभी भी इस तरह का विवाद देखने सुनने को नहीं मिलता हैं। यह अधिकतर छोटे निर्माता या नवोदित निर्माता ही करते हैं। जो एक औसत दर्जे की फिल्म बनाकर बजट से अधिक में काम करते हैं और फिर लगाई गई बजट वापस नहीं कर पाने की स्थिति में जैसे – तैसे फिल्म देने के बाद पूरा पेमेंट के लिए कंपनी पर दबाव बनाते हैं अथवा गलत सोच रखने वाले कंपनी का नाम खराब करने की कोशिश करते हैं।
निर्माता के कंपनियों पर आरोप लगाने पर कहा कि अगर कंपनियां फिल्मों की खरीद बिक्री में इस तरह का गलत कार्य करती है, तो वैसी कंपनियां कभी भी अस्तित्व में नहीं रह सकती हैं और जो कंपनियां कभी गलत करती ही नहीं है या गलत बर्दाश्त नहीं करती है। वही कंपनियां फिल्म इंडस्ट्री में है और लगातार अपना काम कर रही हैं। जिसमें आर्य ग्रुप आफ कंपनी भी है और दर्शकों के प्यार आशीर्वाद के दम पर ही यूट्यूब पर मिलियन सब्सक्राइबर, दर्जनों यूट्यूब चैनल और आर्या डिजिटल ओटीटी के 5 लाख से अधिक डाउनलोड हैं।
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